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अंबाला से बीबीएन के लिए बिछेगी गैस पाइपलाइन
Shimla
Updated Tue, 29 Oct 2013 05:43 AM IST
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शिमला। हरियाणा से हिमाचल के लिए प्राकृतिक गैस की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए इंडियन ऑयल कारपोरेशन और हिमाचल सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर लिए गए हैं। दूसरे चरण में प्रदेश के कई स्थानों में कंप्रेस्ट नेचुरल गैस यानी सीएनजी के डिपो खोले जाने का भी विचार किया गया है। इनसे वाहनों को वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था होगी। घरों के लिए पाइपलाइन से ही रसोई गैस आपूर्ति की संभावना की भी तलाश की जाएगी। हिमाचल में यह प्रयोग पहली बार होगा।
सोमवार को शिमला के होटल हॉलीडे होम में यह समझौता ज्ञापन यानी एमओयू प्रधान सचिव उद्योग आरडी धीमान और इंडियन ऑयल कारपोरेशन के कार्यकारी निदेशक गैस एके मनचंदा के बीच में साइन किया गया। इसमें आईओसी के अंबाला से परवाणू, बद्दी और नालागढ़ क्षेत्रों के लिए गैस लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। आईओसी को पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड से इस कार्य की अनुमति मिली है। अब इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों के बॉयलर आदि उपकरणों के लिए वैकल्पिक ईंधन मिलेगा। सरकार ने दूसरे चरण में ओएनजी डिपो खोलने और घरेलू गैस की पाइपलाइन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लिए सप्लाई को भी मंजूरी देने से पहले इस संबंध मेें आर्थिक-तकनीकी अध्ययन को चार सदस्यीय समन्वय कमेटी बनाने का भी निर्णय लिया है। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान प्रधान सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी, आईओसी के जीएम वीके कौल, राज्य उद्योग विभाग के निदेशक मोहन चौहान आदि अधिकारी विशेष रूप से मौजूद हुए।
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सोमवार को शिमला के होटल हॉलीडे होम में यह समझौता ज्ञापन यानी एमओयू प्रधान सचिव उद्योग आरडी धीमान और इंडियन ऑयल कारपोरेशन के कार्यकारी निदेशक गैस एके मनचंदा के बीच में साइन किया गया। इसमें आईओसी के अंबाला से परवाणू, बद्दी और नालागढ़ क्षेत्रों के लिए गैस लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। आईओसी को पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड से इस कार्य की अनुमति मिली है। अब इन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों के बॉयलर आदि उपकरणों के लिए वैकल्पिक ईंधन मिलेगा। सरकार ने दूसरे चरण में ओएनजी डिपो खोलने और घरेलू गैस की पाइपलाइन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लिए सप्लाई को भी मंजूरी देने से पहले इस संबंध मेें आर्थिक-तकनीकी अध्ययन को चार सदस्यीय समन्वय कमेटी बनाने का भी निर्णय लिया है। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान प्रधान सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी, आईओसी के जीएम वीके कौल, राज्य उद्योग विभाग के निदेशक मोहन चौहान आदि अधिकारी विशेष रूप से मौजूद हुए।
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