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फीस बढ़ोतरी पर एसएफआई लाल
Shimla
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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शिमला। एसएफआई की जिला इकाई के आह्वान पर शुक्रवार को एसएफआई ने शहर के कालेजों में धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश विवि की ओर से बढ़ाई गई प्राइवेट स्नातक परीक्षा फार्म और फीस बढ़ोतरी का जमकर विरोध किया। इस दौरान एसएफआई ने विवि से तुरंत फैसले को वापस लेने की मांग की है। एसएफआई ने चेताया है कि यदि इसे वापस न लिया गया, तो एसएफआई आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र करेगी। इस दौरान शिक्षा बंद तक का आह्वान किया जा सकता है। एसएफआई ने इसे सांकेतिक धरना प्रदर्शन करार देते हुए विवि प्रशासन और प्रदेश सरकार पर लगातार छात्र विरोधी नीतियों को आम छात्रों पर थोपने का आरोप लगाया है। राजधानी के कोटशेरा कालेज में हुए धरना प्रदर्शन में जिला सचिव चंद्रकांत वर्मा सहित शहरी सचिव कपिल, इकाई प्रधान अंकुश ठाकुर, सचिव यशपाल के साथ अन्य नेताओं ने कहा कि विवि ने बीते सत्र में भी स्नातक परीक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी की थी। इस बार फिर से डेढ़ सौ रुपये तक बढ़ोतरी की गई है। यह छात्र विरोधी फैसला एसएफआई को मंजूर नहीं है। संगठन इसका पुरजोर विरोध होगा। उन्होंने कहा कि एक ओर विवि और सरकार छात्र संघ चुनाव का विरोध करते हैं दूसरी ओर बिना चुने गए छात्र प्रतिनिधियों की सहमति के फीस में बढ़ोतरी के फैसले ले रहे हैं । यह सीधे तौर पर आम छात्रों को निजी विश्वविद्यालयों की ओर ले जाने की साजिश है। इस फीस बढ़ोतरी की एवज में विवि छात्रों को क्या सुविधा दे रहा है, यह साफ करे। उधर, आरकेएमवी कालेज में हुए प्रदर्शन में इकाई सचिव रितु राठौर सहित पूनम, कमलेश, आदिति, श्रुति, अपेक्षा, रुचिका, रुचि, प्रियंका पिस्टा, मोनिका और प्रीति सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने विवि कुलपति और प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब पौने घंटे तक चले इस धरने में छात्रा नेत्रियों ने कहा कि विवि लगातार आम छात्रों पर मनमाने फैसले थोप रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, शहर के फागली स्थित संस्कृत कालेज में भी एसएफआई इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें शहरी सचिव गिरीश, राज्य सहसचिव बाबू राम, इकाई सचिव ठाकुर सिंह और प्रधान सुशील सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। करीब आधे घंटे तक कार्यकर्ताओं ने स्नातक प्राइवेट छात्रों की परीक्षा फीस बढ़ोतरी किए जाने का पुरजोर विरोध किया।
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