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चीन जो चाहता था हमारे पीएम ने वो सर्टिफिकेट दे दिया, अपना बयान वापस लें प्रधानमंत्रीः गहलोत
Sun, 28 Jun 2020 09:46 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Rohit Ojha
Updated Sun, 28 Jun 2020 09:46 PM IST
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- फोटो : फाइल
भारत-चीन के बीच जारी गलवां घाटी विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस में बयानों के बाण लगातार चल रहे हैं। रविवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने चीन को वो सर्टिफिकेट दे दिया, जो वो चाहता था। चीन की सरकार ने पीएम मोदी के बयान का स्वागत किया और वहां वे सुर्खियों में छा गए।
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गहलोत ने पीएम से अपना बयान वापस लेने को कहा। गलवां घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ना कोई भारत की सीमा में घुसा है और ना ही हमारी कोई पोस्ट किसी के कब्जे में है।
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गहलोत ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री को देश के लोगों को बताना चाहिए कि सीमा पर क्या हुआ। सीमा पर हमारे 20 जवान कैसे शहीद हुए? उन्होंने कहा कि जिस तरह से पीएम ने बैठक में विपक्ष को बताया कि चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा नहीं किया है। उन्होंने जाने-अनजाने में चीन को एक प्रमाणपत्र दे दिया। उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए।
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गहलोत ने पीएम मोदी से इस बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा कि पड़ोसी देश अच्छे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बावजूद भारत के खिलाफ क्यों हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर वास्तविक स्थिति जानना देश के लोगों का अधिकार है। क्या यह पीएम की नैतिक जिम्मेदारी नहीं है कि वह देश के लोगों को भरोसे में लें और एलएसी पर स्थिति स्पष्ट करें।