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रैली वसुंधरा राजे की और छाए नरेंद्र मोदी
हरीश लखेड़ा/समीर शर्मा
Updated Fri, 05 Apr 2013 12:10 AM IST
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दिल्ली ही नहीं, अब दूर-दराज के इलाकों में भी दिल्ली के तख्तोताज के लिए गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन के सुर तेज होने लगे हैं।
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राजस्थान फतह के लिए निकली वसुंधरा राजे की रथयात्रा में भी मोदी के समर्थन में नारे लगे, जबकि गुजरात के सीएम वहां मौजूद नहीं थे। नारों के बीच भाजपा अध्यक्ष राजनाथ को कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए कहना पड़ा कि उन्होंने बात सुन ली है।
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उदयपुर से लगभग 90 किमी. दूर प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चारभुजा धाम में पूजा अर्चना और फिर रैली के बाद बृहस्पतिवार को वसुंधरा राजे ‘सुराज संकल्प’ यात्रा पर निकल पड़ीं।
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राजनाथ ने विजय झंडा सौंपने के साथ ही वसुंधरा को भावी मुख्यमंत्री पुकार कर सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
रथयात्रा पहले चरण में मेवाड़ मंडल में चलेगी और अगले तीन माह में पूरे राजस्थान का भ्रमण कर लेगी। यात्रा जयपुर में 21 जुलाई समाप्त होगी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज शामिल होंगी।
रथयात्रा को हरी झंडी दिखाने से पहले राजनाथ राजस्थान के वीरों महान राणा प्रताप, पन्ना धांय, भामा शाह से लेकर रानी पदमावती के बलिदान का जिक्र करना नहीं भूले। दूर दराज के क्षेत्रों से आए लोगाें से राजनाथ ने कहा कि प्रदेश की अशोक गहलोत और दिल्ली की मनमोहन सिंह की सरकार को सत्ता से बेदखल करने का समय आ गया है।
राजनाथ के भाषण से ठीक पहले मंच के पास मौजूद कार्यकर्ताओं ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर राजनाथ कुछ असहज दिखे। दरअसल, मोदी को रैली में बुलाने की योजना थी।
खासतौर पर वसुंधरा विरोधी खेमे के गुलाबचंद कटारिया खेमा मोदी को बुलाने के पक्ष में था, लेकिन वसुंधरा खेमा इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
माना जा रहा है कि मोदी अब इस यात्रा के समापन में राजस्थान आ सकते हैं, क्योंकि कांग्रेस गहलोत की संदेश यात्रा के समापन पर राहुल गांधी को बुलाने जा रही है।
बहरहाल, तपती दोपहरी में जमकर बैठे लोगों से वसुंधरा ने कहा कि उनका मकसद कांग्रेस के कुशासन ने मुक्ति दिलाना और नया राजस्थान बनाना है। वसुंधरा ने 2003 में भी यहीं से यात्रा शुरू की थी। तब उन्हें विजय भी मिली, लेकिन 2008 में यात्रा नहीं निकली और भाजपा चुनाव हार गई।
‘धौलपुर की रानी’ के लिए बनाया है विशेष रथ
राजस्थान में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार व ‘धौलपुर की रानी’ वसुंधरा राजे की यात्रा के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष रथ तैयार किया गया है।
वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का रथ भी उनके साथ चलेगा, जरूरत पड़ने पर इसका भी उपयोग किया जा सकेगा। इन रथों से वसुंधरा लगभग 1380 किमी. की यात्रा करेगी।
यात्रा के दौरान वे 200 स्थानों से गुजरेंगी व 35 बड़ी सभाएं करेंगी। आडवाणी के रथ का नरेंद्र मोदी गुजरात विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल कर चुके हैं।
वसुंधरा का नया रथ आडवाणी के रथ से कुछ छोटा है। यह पूरी तरह वातानुकूलित है। इसमें एक विशेष मंच है, जो छत से खुल कर ऊपर जाता हैं।
कांग्रेस पर फिर से निशाना साधा
सत्ता के दो केंद्रों के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर फिर से निशाना साधा है।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि कांग्रेस दो नावों पर पैर रखे हुए है और इसका क्या परिणाम होता है, यह हम सभी जानते हैं।
राजनाथ ने कहा कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब केंद्र में सत्ता के दो केंद्र की बात सामने आई है। कांग्रेस अब दो व्यक्तियों के नाम पर चुनाव में जाएगी। यूपीए सरकार को लुंजपुंज बताते हुए राजनाथ ने कहा कि इसकी विदाई तय है।
कांग्रेस को मारेगा भ्रष्टाचार
राजनाथ ने केंद्र से मनमोहन सिंह की सरकार और राजस्थान से अशोक गहलोत की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए कहा कि जिस तरह राम ने रावण को, कृष्ण ने कंस को और ओबामा ने ओसामा का वध किया था, उसी तरह भ्रष्टाचार कांग्रेस सरकार को मारेगा। उन्होंने केंद्र पर सीबीआई के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।