उदयपुर में सेटबैक विवाद बना जानलेवा: फाइनेंसर की पीट-पीटकर हत्या, हंगामे के बाद UDA ने तोड़ा अवैध निर्माण
उदयपुर में सेटबैक विवाद के दौरान हुई मारपीट में 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने तीन आरोपियों को डिटेन किया, जबकि यूडीए ने आरोपी के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
उदयपुर में सेटबैक विवाद के दौरान हुई मारपीट में 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने तीन आरोपियों को डिटेन किया, जबकि यूडीए ने आरोपी के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
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उदयपुर शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित ओस्तवाल नगर में मकान के सेटबैक को लेकर चल रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पड़ोसियों के बीच हुई मारपीट में 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और समाज के लोगों ने एमबी अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, अवैध निर्माण ध्वस्त करने और मुआवजे की मांग की। बाद में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने आरोपी के मकान के अवैध हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार सागरमल मेहता और उनके पड़ोसी प्रवीण सिंह आसोलिया के बीच लंबे समय से मकान के सेटबैक को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि प्रवीण सिंह, उसके चचेरे भाई अनुराग और एक अन्य युवक ने मिलकर सागरमल मेहता और उनके बेटे राहुल मेहता के साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल सागरमल मेहता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। राहुल मेहता भी इस घटना में घायल हुए हैं।
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मृतक के बेटे राहुल मेहता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी स्वयं प्रतापनगर थाने पहुंचे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। वहीं, मृतक की पुत्री प्रीति मेहता ने बताया कि आरोपी मकान में अवैध निर्माण कर रहा था, जिसके खिलाफ उनके पिता कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। उनका आरोप है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हमला किया। उन्होंने दावा किया कि मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि सागरमल मेहता की कई पसलियां टूट गईं।
घटना के बाद एमबी अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर बड़ी संख्या में समाज के लोग और परिजन एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अवैध निर्माण हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसी दौरान अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, जिसे प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर स्थिति को शांत कराया।
प्रदर्शन के दौरान उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और यूडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों ने आरोपी के अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त करने की मांग की। इसके बाद दोपहर में यूडीए की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान के अवैध हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
एडिशनल एसपी उमेश ओझा ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी छवि शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को डिटेन कर लिया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले की गहन जांच जारी है।