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Udaipur News: उदयपुर रीजन में अलर्ट मोड पर परिवहन विभाग, तीन दिनों में 15 बसें सीज, सुरक्षा में कमियां उजागर
Fri, 17 Oct 2025 06:07 PM IST
उदयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 06:07 PM IST
सार
जैसलमेर बस हादसे के बाद प्रदेश में हर जगह परिवहन विभाग अलर्ट मोड पर है और लगातार यात्री बसों की चेकिंग की जा रही है। इसी के चलते उदयपुर रीजन में विभाग ने चेकिंग के दौरान बीते तीन दिनों में 15 बसें सीज की हैं।
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बसों में चेकिंग करते परिवहन विभाग के कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जैसलमेर में हुए एसी स्लीपर बस हादसे के बाद उदयपुर रीजन में परिवहन विभाग अलर्ट मोड पर है। पिछले तीन दिनों से जिले सहित रीजन के सभी पांच जिलों में बसों की चेकिंग की जा रही है। इस दौरान कई बसों में एग्जिट गेट, फायर अलार्म और फिटनेस से जुड़ी गंभीर कमियां मिली हैं।
जिले में तीन दिनों में 15 बसें सीज की गई हैं, जबकि लगभग 45 बसों के चालान बनाए गए हैं और कई बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट सस्पेंड किए गए हैं। बस संचालकों से मॉडिफिकेशन और सुरक्षा उपकरण ठीक कराने के लिए लिखित पत्र भी लिया गया है।
आरटीओ ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने बताया कि उदयपुर रीजन में 14 टीमें हाइवे और अन्य पॉइंट्स पर चेकिंग कर रही हैं। उदयपुर, डूंगरपुर, सलूम्बर, चितौड़गढ़ और राजसमंद जिले में कार्रवाई की जा रही है। उदयपुर जिले में सात विशेष टीमों ने शहर के रेटी स्टैंड, बलीचा, भुवाना और अंबेरी सहित कई जगहों पर निरीक्षण किया।
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ये भी पढ़ें: Rajasthan Crime: नागौर पुलिस ने बावरिया गैंग के किंगपिन राजेश दबोचा, लाखों की चोरी का पर्दाफाश
जांच में कई बसों में बाहर निकलने के रास्ते संकरे पाए गए, फायर सेफ्टी उपकरण अनुपस्थित थे और यात्रियों के साथ अतिरिक्त सामान भरा हुआ मिला। परिवहन विभाग ने पुरानी या मॉडिफाइड बसों के लिए परमिट देने से पहले वायरिंग, एसी इंस्टॉलेशन और फायर सेफ्टी की अनिवार्य जांच करने का निर्देश दिया है।
पिछले हादसों के बाद लंबी दूरी की यात्राओं को लेकर यात्रियों में डर बढ़ा है और वे सुरक्षित यात्रा के विकल्प तलाश रहे हैं।
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जिले में तीन दिनों में 15 बसें सीज की गई हैं, जबकि लगभग 45 बसों के चालान बनाए गए हैं और कई बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट सस्पेंड किए गए हैं। बस संचालकों से मॉडिफिकेशन और सुरक्षा उपकरण ठीक कराने के लिए लिखित पत्र भी लिया गया है।
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आरटीओ ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने बताया कि उदयपुर रीजन में 14 टीमें हाइवे और अन्य पॉइंट्स पर चेकिंग कर रही हैं। उदयपुर, डूंगरपुर, सलूम्बर, चितौड़गढ़ और राजसमंद जिले में कार्रवाई की जा रही है। उदयपुर जिले में सात विशेष टीमों ने शहर के रेटी स्टैंड, बलीचा, भुवाना और अंबेरी सहित कई जगहों पर निरीक्षण किया।
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जांच में कई बसों में बाहर निकलने के रास्ते संकरे पाए गए, फायर सेफ्टी उपकरण अनुपस्थित थे और यात्रियों के साथ अतिरिक्त सामान भरा हुआ मिला। परिवहन विभाग ने पुरानी या मॉडिफाइड बसों के लिए परमिट देने से पहले वायरिंग, एसी इंस्टॉलेशन और फायर सेफ्टी की अनिवार्य जांच करने का निर्देश दिया है।
पिछले हादसों के बाद लंबी दूरी की यात्राओं को लेकर यात्रियों में डर बढ़ा है और वे सुरक्षित यात्रा के विकल्प तलाश रहे हैं।