Rajasthan: अमृतकौर अस्पताल में दो नवजातों की झुलसने से मौत, थोड़ी ही देर पहले मां ने दूध पिलाकर सुलाया था
हादसे में पांच दिन का बच्चा और 12 दिन की बच्ची की मौत हुई है। एहतियातन अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।
विस्तार
अजमेर के ब्यावर स्थित राजकीय अमृतकौर हॉस्पिटल की मदर एंड चाइल्ड विंग की नर्सरी में दर्दनाक हादसा हो गया। नर्सरी में वार्मर की हिट बढ़ने से दो नवजात की मौत हो गई। हादसे की वजह तकनीकी फॉल्ट बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार राजकीय अमृतकौर हॉस्पिटल की नर्सरी के वार्मर में सोमवार रात आठ बजे अचानक हीट बढ़ गई। इससे वार्मर में भर्ती दो नवजात शिशु की हालत बिगड़ गई। सूचना पर पीएमओ डॉ. एसएस चौहान, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पीएम बोहरा सहित कई डॉक्टर मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों ने नवजात का इलाज करना शुरू किया लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। दोनों नवजात के शवों को मर्चुरी में रखवाया गया है। वहीं अन्य शिशुओं की हालत ठीक है।
मौके पर पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी राहुल जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा, सिटी थानाधिकारी संजय शर्मा, सदर थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह जोधा सहित सिटी और सदर थाने का पुलिस बल चिकित्सालय परिसर में तैनात है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना से कुछ देर पहले ही बच्चों की मां ने दोनों को दूध पिलाया था। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि इस विंग में एक साल पहले भी आग लगी थी। इनमें एक बच्चा पांच दिन का बताया जा रहा है, जबकि एक बच्ची 12 दिन की थी।
चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है-रामलाल शर्मा
मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा है। विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। यह एक घटना नहीं अनेकों घटनाओं से साबित हो चुका है। पहले कोटा के अंदर शिशुओं की मौत हुई। अब ब्यावर के अंदर शिशुओं की मौत इस बात को इंगित करती है कि चिकित्सा महकमे में काम करने वाले लोग लापरवाह हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा के पटल पर पांच लाख की राशि बढ़ाकर 10 लाख की राशि का निशुल्क इलाज देने की सुविधाएं जनता को दी है, लेकिन जिस तरीके से सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के अंदर मुख्यमंत्री जी के सामने जनता ने अपना दर्द बयां किया, वह इस बात को साबित करता है कि लोगों को इलाज के लिए मोटी फीस देनी पड़ रही है।