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Rajasthan: एनीमिया की रोकथाम के लिए काम कर रहा सुकार्य, महिलाओं-बच्चों के लिए कार्यशालाएं और शिविर भी लगाए
Wed, 05 Apr 2023 04:38 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 05 Apr 2023 04:38 PM IST
सार
सुकार्य ने पिछले 15 दिनों में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में वंचित समुदायों की महिलाओं, लड़कियों व बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाएं हैं।
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पोषण पखवाड़े का आयोजन।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुकार्य मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले एक प्रमुख संगठन है। सुकार्य पोषण पखवाड़ा के तहत दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में शैक्षिक कार्यशालाओं व स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन कर रहा है। साथ ही पोषण किट के वितरण के जरिए हजारों लड़कियों, महिलाओं और बच्चों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जा रहा है।
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सुकार्य की ओर से किए जाने वाले कार्यों को लेकर संगठन की अध्यक्ष मीरा सतपथी ने बताया कि महिलाओं और लड़कियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, अधिकारों और पोषण को सुलभ बनाना अहम है। ताकि देश में एनीमिया के बढ़ते मामले से रणनीतिक रूप से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में हमने राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में वंचित समुदायों की महिलाओं, लड़कियों व बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
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राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) के मुताबिक भारत में 15 से 49 साल के आयु वर्ग में एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की संख्या एनएफएचएस-4 में दर्ज 53.1% से बढ़कर 57% हो गई है। एनीमिया एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, जो पोषण की कमी और खराब स्वास्थ्य की तरफ इशारा करती है।
सुकार्य पिछले 25 साल से महिलाओं, लड़कियों और बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालने वाले मूल कारणों, जैसे-कुपोषण, टीकाकरण सेवाओं के बारे में अनभिज्ञता और पितृसत्तात्मक मानदंडों से निपटने की दिशा में काम कर रहा है।