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Sirohi News: पुरानी पेंशन मांग के समर्थन में भूख हड़ताल, आबूरोड रेलकर्मियों ने अनदेखा करने पर जताया रोष

Wed, 10 Jan 2024 08:53 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 10 Jan 2024 08:53 PM IST
सार

पुरानी पेंशन की मांग के समर्थन में आबूरोड में रेलकर्मियों ने भूख हड़ताल की। रेलकर्मियों ने मांग को अनदेखा करने पर रोष जताया। ज्वाइंट फ्रॉम ऑफ रेस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम के तत्वावधान में यह हड़ताल की गई।

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Sirohi News Hunger strike in support of old pension demand
पेंशन मांग के समर्थन में भूख हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिरोही में ज्वाइंट फ्रॉम ऑफ रेस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम के तत्वावधान में बुधवार को रेलकर्मियों द्वारा आबूरोड रेलवे स्टेशन पर पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर कर्मिक भूख हड़ताल किए।

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गौरतलब है कि गत आठ जनवरी से 11 जनवरी तक देश भर में कर्मिक भूख हड़ताल का आयोजन किए जा रहा है। इस अवसर पर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के शाखा सचिव समंदर सिंह राठौड़ ने बताया कि पुरानी पेंशन को लागू करने एवं नई पेंशन को बंद करने के लिए संगठन की ओर से की गई बातचीत की जायज मांग को सरकार द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। इससे रेल कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
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उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के डीजल शेड शाखा सचिव नरेश सैनी ने कहा कि सरकार के मंत्री केवल पांच साल रहते हैं और पेंशन के हकदार हो जाते हैं और कई तो दो से तीन पेंशन ले रहे हैं। मगर एक कर्मचारी जो जीवन भर अपनी नौकरी करने के बावजूद उसे पेंशन का हकदार नहीं माना जाता है। यूनियन के डीजल शाखा अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने कहा कि पेंशन तो कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है, जो एक चादर की तरह होती है, जिसके कारण वो बुढ़ापे में एक सम्मान से अपना जीवन बिताता है। मगर नेता लोग खुद तो जीवन पर्यन्त तक पेंशन लेना चाहते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भेदभाव करती है।
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मजदूर संघ के शाखा सचिव सुधीर जोशी ने कहा कि सरकार की इस दोगली नीति का हम कतई बर्दाश्त नही करेंगे। सरकार हर बार कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है। इससे कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। अगर कर्मचारियों की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो मजबूरन सभी को सड़क पर उतरना पड़ेगा। राजेन्द्र भोपरिया ने कहा कि सरकार चुनाव के समय पेंशन के झूठे वादे करती है। मगर चुनाव निकल जाने के बाद रंग बदल लेती है। रीढ़ के हड्डी कहे जाने वाले कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है।


इस अवसर पर विकास मोरवाल, अभय शर्मा, ओमाराम, बालमुकुंद, मदन मीणा, प्रशांत चौहान, मानसिंह गुर्जर, विक्रम सिंह, बजरंग कौशिक, राहुल कुमार, सुरेंद्र सिंह, राकेश आचार्य, दिनेश योगी, गौरव गौड़, कमलेश प्रसाद सिंह, लेखराज गुर्जर, प्रह्लाद सिसोदिया, लोकेश पटेल, ओमप्रकाश मीणा, नवदीप सिंह, विनोद कुमार, सरजीत, भूराराम मीणा, जाहिर हुसैन, सुनील शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, राजेंद्र कुमार शर्मा, रूपाराम, राजकुमार जेलिया एवं तरुण बैरवा मौजूद रहे।

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