{"_id":"5862009c4f1c1b741aeebc96","slug":"sex-racket-gang-rape-videos-of-customer-and-then-blackmail","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्स ब्लैकमेल गैंग सरगना का ड्राइवर भी निकला दूसरे सेक्स ब्लैकमेल गैंग का मुखिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्स ब्लैकमेल गैंग सरगना का ड्राइवर भी निकला दूसरे सेक्स ब्लैकमेल गैंग का मुखिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:18 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साजिश के तहत पेशेवर युवतियों से अमीरों के शारीरिक संबंध बनवाकर उन्हें रेप मामले में फंसाने के आरोप में ब्लैकमेल कर करोड़ों वसूलनेवाले बड़े ब्लैकमेल गैंग का खुलासा होने के ठीक एक दिन अब एक दूसरे गैंग का भी पता चला है। इस दूसरे गैंग को बड़े गैंग के सरगना का ड्राइवर राकेश यादव चला रहा था। एसओजी ने इस गैंग के राकेश, वकील अखिलेश मिश्रा और साथी पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
इधर, बड़े गैंग का फरार सरगना वकील नवीन देवानी व उसका साथी नीतेश बंधु विदेश भागने की फिराक में हैं। एसओजी को बिल्डर, मार्बल व्यवसाई, फैक्ट्री मालिक, डॉक्टर, होटल व रिसोर्ट मालिक सहित कई बड़े गैंग से पीड़ित लोगों ने सम्पर्क किया और केवल एक जने ने ही लिखित शिकायत की है। बड़े गैंग से ब्लैकमेल हुए लोगों की संख्या 40 से ऊपर पहुंच चुकी है, जिनसे 20 करोड़ रुपए से अधिक वसूले गए हैं।
विज्ञापन
जयपुर में अजमेर रोड निवासी फैक्ट्री मालिक और उसके साथी ने एसओजी पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई और लिखत रिपोर्ट दर्ज कराई। फैक्ट्री मालिक ने बताया कि उसके पास उत्तराखंड की एक युवती नौकरी मांगने आई, जिसे उसने नौकरी दे दी। इस युवती ने पहले उससे व उसके दोस्त से दोस्ती बढ़ाई और फिर शारीरिक संबंध बनाए।
विज्ञापन
इसके बाद वकील अखिलेश ने फोन कर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी और 30 लाख रुपए मांगे। फैक्ट्री मालिक और उसके दोस्त ने अखिलेश और पुष्पेंद्र को 11 लाख रुपए दिए। इस रिपोर्ट के आधार पर एसओजी ने गैंग के मुखिया राकेश, अखिलेश व पुष्पेन्द्र को गिरफ्तार किया।
फैक्ट्री मालिक व उसके दोस्त द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद एसओजी ने महेश नगर से बड़े गैंग के सरगना नवीन की कार चलाते हुए ड्राइवर राकेश को धरा। राकेश से 2.5 लाख के नए नोट, नवीन का पास्पोर्ट, कपड़े व फर्जी प्रेस कार्ड बरामद हुए। एसओजी की पूछताछ में राकेश ने नवीन का फोन आने की बात स्वीकार की।
नवीन ने राकेश को उसका पास्पोर्ट, कपड़े आदि गाड़ी में रखने के लिए कहा था। नवीन ने राकेश को कहा था कि अगले फोन पर बता देंगे कि इन्हें कहां और कब लाना है। दूसरा फोन आने से पहले ही एसओजी ने राकेश को कार में घूमते हुए पकड़ लिया। राकेश और पुष्पेंद्र पहले नवीन के लिए ही काम करते थे, लेकिन मोटा पैसा बनाने के लिए दोनों ने अलग गैंग बना लिया था।