{"_id":"6497ad30d853b2e3410c6549","slug":"security-services-division-national-conference-at-mount-abu-2023-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirohi: सुरक्षा सेवा प्रभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन, लेफ्टिनेंट जनरल बोले- ब्रह्माकुमारी संगठन में दातापन का भाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirohi: सुरक्षा सेवा प्रभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन, लेफ्टिनेंट जनरल बोले- ब्रह्माकुमारी संगठन में दातापन का भाव
Sun, 25 Jun 2023 08:28 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sun, 25 Jun 2023 08:28 AM IST
सार
सम्मेलन में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि गत 88 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संगठन की नारी सशक्तिकरण समेत अन्य निस्वार्थ सेवाएं हम सबके सामने एक दर्पण की तरह हैं।
विज्ञापन
सीमा सड़क के महा निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माउंट आबू पहुंचे सीमा सड़क के महा निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण के लिए हर व्यक्ति का अहम योगदान होता है। ब्रह्माकुमारी संगठन की कथनी करनी में समानता है। विश्व के पांचों महाद्वीपों में इस संगठन की सफल सेवाएं समाज के हर तबके के लिए उदाहरण हैं।
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने कहा कि विश्व सेवा में जीवन को बलिदान कर देना, समर्पित कर देना बहुत बड़ी साधना है। सुरक्षा को लेकर सिपाही का कार्य कठिन होता है। गत 88 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संगठन की नारी सशक्तिकरण समेत अन्य निस्वार्थ सेवाएं हम सबके सामने एक दर्पण की तरह हैं। जो हमें जीवन का महत्व बताती हैं। स्वयं को नियंत्रित करने की कला में मेडिटेशन से निखार आता है। संगठन के हर सदस्य में दातापन का भाव है। जो निरंतर समाज के हर तबके को कुछ न कुछ दे रहा है। यह बात उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन के सुरक्षा सेवा प्रभाग की ओर से ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही।
विज्ञापन
तनावपूर्ण जीवनशैली से निजात पाने के लिए मेडिटेशन बेहतर जरिया
CRPF आंतरिक सुरक्षा अकादमी निदेशक, पुलिस महानिरीक्षक दानेश राणा ने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली से निजात पाने और जीवन में मूल्यों को प्राथमिकता देकर आत्मसात करने के लिए मेडिटेशन बेहतर जरिया है। मेडिटेशन मन का समुचित उपचार करता है।
विज्ञापन
राजयोग से कठिनाइयों, चुनौतियों का सामना करने की मानसिक क्षमता डेवलप होती है
भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल एस.एन. घोरमाडे ने कहा कि राजयोग के अभ्यास से कठिनाइयों, चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक क्षमता विकसित होती है। बाहरी सुरक्षा के साथ आत्मिक सुरक्षा को लेकर यहां दिया जाने वाला प्रशिक्षण सुरक्षाबलों के लिए संजीवनी बूटी की तरह कार्य करता है। जीवन में खुशी का संचार कर देता है।
संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी डॉ. निमला दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि देश के सुरक्षा प्रहरी देश की जान हैं। जो निरंतर अपनी जान की परवाह किए बिना समर्पण भाव से सेवाओं में तत्पर रहते हैं। विकटतम परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए परमात्मा को अपना साथी बनाकर रखना चाहिए। जो हर समय हमारी रक्षा करने में उपस्थित रहता है उसकी महसूसता के लिए राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।
डीआरडीओ दिल्ली के कैप्टन शिव सिंह ने सुरक्षा सेवा प्रभाग की ओर से देश भर में की जा रही सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।बसंगठन महासचिव बीके निर्वेर, प्रभाग अध्यक्ष पूर्व स्क्वाड्रन लीडर अशोक गाबा, प्रभाग उपाध्यक्ष रायजोगिनी शुक्ला दीदी, कर्नल बी.सी. सती ने भी विचार व्यक्त किए। मुंबई से आई वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके दीपा बहन ने राजयोग का अभ्यास कराते हुए गहन शांति की अनुभूति कराई।