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शिक्षकों को बिन पढ़ाए मिल रहा पूरा वेतन!
Updated Sat, 19 Jul 2014 12:59 PM IST
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राजस्थान के करीब 150 स्कूलों में एक भी बच्चा बढऩे नहीं आता। ये स्कूल बच्चों से भले ही खाली हों, लेकिन शिक्षकों से आबाद हैं। और तो और इन शिक्षकों को बिना पढ़ाए बिना बढ़ाए मिल पूरा वेतन मिल रहा है।
राजस्थान में 146 विद्यालय में कोई छात्र नहीं होने पर भी वहां 251 शिक्षक कार्यरत है। राजस्थान विधानसभा में विधायकों के सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि ये शिक्षक केवल समाचार पत्र पढ़कर वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
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राजस्थान में 146 विद्यालय में कोई छात्र नहीं होने पर भी वहां 251 शिक्षक कार्यरत है। राजस्थान विधानसभा में विधायकों के सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि ये शिक्षक केवल समाचार पत्र पढ़कर वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
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बच्चों व शिक्षकों का अनुपात बिगड़ा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक से 15 छात्रों वाली 8164 विद्यालयों में 14655 शिक्षक तथा 16 से 30 बच्चों वाली 19760 विद्यालयों में 42150 अध्यापक कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि राज्य में कई विद्यालयों में विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने कहा कि एक माह के दौरान समानीकरण एवं एकीकरण प्रक्रिया से शिक्षा में सुधार आएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में कई विद्यालयों में विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने कहा कि एक माह के दौरान समानीकरण एवं एकीकरण प्रक्रिया से शिक्षा में सुधार आएगा।
विद्यालयों पर नहीं लगेंगे ताले
शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि समानीकरण के तहत एक भी विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक ही राजस्व गांव के विद्यालयों को एक साथ मिलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक राजस्व गांव में यदि विद्यालय भवन पर्याप्त रूप से है तो वहां सभी कक्षाएं एक ही भवन में चलेगी और यदि ऐसी व्यवस्था नहीं है तो कक्षाएं अलग भवनों में संचालित होगी किन्तु उनकी प्रशासनिक व्यवस्था एक ही स्थान से संचालित होगी।
उन्होंने बताया कि एक राजस्व गांव में यदि विद्यालय भवन पर्याप्त रूप से है तो वहां सभी कक्षाएं एक ही भवन में चलेगी और यदि ऐसी व्यवस्था नहीं है तो कक्षाएं अलग भवनों में संचालित होगी किन्तु उनकी प्रशासनिक व्यवस्था एक ही स्थान से संचालित होगी।