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Sawai Madhopur : देर आए लेकिन दुरुस्त आए, CRPF अधिकारी बनकर ठगी करने वाले आरोपी एक साल बाद पुलिस हिरासत में
Sun, 10 Nov 2024 11:54 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sun, 10 Nov 2024 11:54 AM IST
सार
सीआरपीएफ का अफसर बनकर एक व्यक्ति के साथ 40 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप मे पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला एक साल पहले का बताया जा रहा है।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सवाई माधोपुर की चौथ का बरवाड़ा थाना पुलिस ने एक साल पूर्व के एक मामले में सीआरपीएफ अफसर बनकर फर्नीचर बेचने के नाम पर एक व्यक्ति के साथ 40 हजार की राशि ठगने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अशोक मीणा निवासी तामरिया थाना चाकसू तथा राकेश मीणा निवासी रामदत्तपुरा थाना कालवाड़ जिला जयपुर हैं।
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चौथ का बरवाड़ा थाना प्रभारी हरभान सिंह ने बताया कि एक साल पूर्व टापुर निवासी रामराय चौधरी द्वारा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आईपीएस पंकज चौधरी जो कि उसके जानकार हैं, की फेसबुक आईडी से उसे मैसेज आया था कि तुम्हारे नंबर सेंड करो। उनकी आईडी देखकर मैंने नंबर सेंड कर दिया। इसके बाद एक मैसेज आया कि मेरा एक मित्र सीआरपीएफ में ऑफिसर है, जिसका स्थानांतरण हो जाने के कारण वह अपना सामान बेचना चाहता है। तुम्हें यदि सामान पसंद आए तो उससे बात कर लेना।
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इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को फोन करके कहा कि मेरे पास टीवी, फ्रिज एवं अन्य सामान है, जिसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये है। मुझे तुरंत समान बेचना है। ऐसे में आधा पैसा 40 हजार दे दो। सामान आने के बाद बाकी का पैसा दे देना। आरोपी के विश्वास में आकर उसने अपने मित्र के फोन से 40 हजार की राशि फोन पे कर दी। दोबारा फोन करने पर उसने कहा कि आपका सामान पैक हो रहा है। पते के लिए आधार कार्ड भेज दो। समान नहीं आने पर फिर फोन किया तो उसने कहा की सेना का नियम है कि पूरा पैसा आने के बाद ही सामान दिया जाएगा। जिस पर उसे शक हुआ तथा बाद में आरोपी ने फोन बंद कर लिया।
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थाना प्रभारी ने बताया कि ठगी के संबंध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लगातार अभियान चलाकर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसके बाद दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की गई है तथा दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पोस्ट ऑफिस से निकाले थे पैसे
आरोपियों ने जयपुर के पास स्थित पोस्ट ऑफिस का नंबर दिया था, जिस पर पीड़ित ने पैसे डाले थे। दोनों आरोपियों द्वारा इसी पोस्ट ऑफिस से पैसे निकाले गए, जिसे आधार बनाकर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। ऐसे में जयपुर से आरोपियों को डिटेन कर लिया गया और पूछताछ में पूरी वारदात कबूल करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।