बचपन की शादी के खिलाफ कोर्ट जाएगी युवती
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बचपन में घरवालों की मर्जी से की गई शादी को मानने से इंकार करने पर पंचायत के फैसले के खिलाफ राजस्थान की युवती अब कोर्ट जाने की तैयारी में है। लड़की व उसके परिजनों का कहना है कि पंचायत के फैसले के खिलाफ वे परिवार न्यायालय में याचिका दायर करेंगी और बचपन में हुए उसके विवाह को खारिज करने की अपील करेंगी।
बता दें कि राजस्थान के जोधपुर से करीब 70 किमी दूर रोहिचा खुर्द की मूल निवासी शांता देवी की शादी उसके घर वालों ने बचपन में कर ली थी जब वह मात्र ग्यारह माह की थी।
कुछ समय पहले लड़की को बचपन में हुई शादी का पता चला तो उसने इसे मानने से इंकार कर दिया। मामला जब पंचायत में पहुंचा तो शादी न मानने पर पंचायत ने लड़की पर 16 लाख जुर्माना लगा कर उसके परिवार वालों का विरादरी से बहिष्कार कर दिया है।
तथाकथित पति और ससुर दे रहे धमकी
शांता का कहना है कि उन्हें बचपन में हुई शादी के बारे में अब पता चला तो मैंने इसका विरोध किया और शादी मानने से इंकार कर दिया। शादी न मानने के फैसले के बाद परिवार का बहिष्कार कर दिया है। बकौल शांता उनका तथाकथित ससुर शादी के लिए फोर्स कर रहा है और मुझे जबरदस्ती ले जाने के लिए धमकी दे रहा है।
शांता का कहना है कि उसका तथाकथित पति भी उसे जबरदस्ती ले जाने की धमकी दे रहा है। शांता अभी जोधपुर में रह रही है और जय नारायण व्यास विवि से स्नातक कर रही है। शांता का कहना है कि वे पढ़ना चाहती हैं और टीचर बनना चाहती हैं।
वहीं शांता के पिता का कहना कि वे अपनी बेटी के लिए अपने समुदाय और पंचायत के फैसले के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं। वे पंचायत के जुर्माने के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
उधर राजस्थान के स्वास्थ्यमंत्री राजेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि मामले में प्रशासन को पंचायत के फैसले के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश दे दिए हैं।