Rajasthan: अवैध खनन के खिलाफ बाबा ने टावर पर गुजारी रात, आज आंदोलन में 200 साधु-संत हो सकते हैं शामिल
आदिबद्री धाम और कनकाचल में हो रहे अवैध खनन के विरोध में संत नारायण दास टावर पर चढ़ गए। उन्होंने पूरी रात टावर पर गुजारी।
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भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में आदिबद्री धाम और कनकाचल में हो रहे अवैध खनन के विरोध में मंगलवार को टावर पर चढ़े बाबा नारायण दास ने पूरी रात टावर पर गुजारी। बुधवार सुबह तक वो टावर पर जमे रहे। वहीं बुधवार को भी अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन जारी है। संभावना जताई जा रही है कि इस आंदोलन में शामिल होने के लिए बुधवार को वृंदावन से 200 और साधु-संत पासोपा पहुंचेंगे।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंगलवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़े बाबा नारायण दास ने पूरी रात टावर पर गुजारी। बाबा नारायण दास को टावर पर ही ग्लूकोज और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाई गई। वहीं रातभर मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। साथ ही काफी संख्या में साधु संत भी पासोपा में जुटे रहे।
संत राधा प्रिया ने बताया कि मंगलवार को वृंदावन से आंदोलन में शामिल होने के लिए 200 साधु संत आने वाले थे लेकिन उन्हें समझा कर रोका गया। बुधवार को सभी 200 साधु संत आंदोलन में शामिल होने के लिए पासोपा पहुंचेंगे। वहीं मंगलवार शाम को वार्ता के लिए आईजी कार्यालय में देर शाम तक वार्ता का दौर चला लेकिन बात नहीं बनी। संत राधा प्रिया ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन, संरक्षित वन क्षेत्र में हो रही पेड़ों की कटाई को रुकवाने के लिए सरकार से लिखित आदेश मिलने के बाद ही बाबा नारायण दास टावर से नीचे उतरेंगे।
बता दें कि असल में डीग के धार्मिक स्थल आदिबद्री धाम और कनकांचल पर्वत क्षेत्र में वैध की आड़ में धड़ल्ले से और लंबे समय से अवैध खनन चल रहा है। जिससे यहां के वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है। अवैध खनन रुकवाने की मांग को लेकर साधु-संत बीते करीब 550 दिन से आंदोलनरत हैं। साधु-संतों की मांग है कि इस पूरे क्षेत्र को वन क्षेत्र में शामिल कर खनन रुकवाया जाए।