{"_id":"58cbb46c4f1c1bb66032d070","slug":"rupees-in-the-excuse-for-getting-financial-help-from-the-chief-minister-s-aid-fund","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपए दिलवाने का झांसा देकर सात हजार हड़पे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपए दिलवाने का झांसा देकर सात हजार हड़पे
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 04:02 PM IST
विज्ञापन
jaipur police
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपए दिलवाने का झांसा देकर सात हजार रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। ठगी के आरोपी दो युवक फरार हो गए।
धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने बजाज नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जांच अधिकारी एएसआई धर्मवीर ने बताया कि वारदात मधुवन कॉलोनी टोंक फाटक निवासी प्रहलाद मीणा के साथ हुई। वह गुर्दे में खराबी की बीमारी से ग्रसित है। कुछ दिन पहले प्रहलाद मीणा के पास दो अज्ञात व्यक्तियों का फोन आया। जिन्होंने अपना नाम मुस्कान जाट व दीपक यादव बताया।
आरोपियों ने स्वयं की मुख्यमंत्री कार्यालय में पहचान बताकर प्रहलाद को उपचार के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दिलवाने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने इसके एवज में पीड़ित से 20 हजार रुपए की मांग की लेकिन, मामला सात हजार रुपए में तय हुआ। पीड़ित ने सात हजार रुपए और कागज आरोपियों को दे दिए।
काफी दिनों तक इन दोनों ने प्रहलाद से कोई सम्पर्क नहीं किया और न ही सहायता मिली। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के फर्जी दस्तावेज दिखाकर वारदात की। दस्तावेज जब्त कर जांच में जुट गई। वहीं पीड़ित द्वारा दिए गए नम्बरों की जांच गई तो वह नम्बर राजस्थान के बाहर के निकले है तथा वह भी फर्जी पाए गए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने बजाज नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जांच अधिकारी एएसआई धर्मवीर ने बताया कि वारदात मधुवन कॉलोनी टोंक फाटक निवासी प्रहलाद मीणा के साथ हुई। वह गुर्दे में खराबी की बीमारी से ग्रसित है। कुछ दिन पहले प्रहलाद मीणा के पास दो अज्ञात व्यक्तियों का फोन आया। जिन्होंने अपना नाम मुस्कान जाट व दीपक यादव बताया।
आरोपियों ने स्वयं की मुख्यमंत्री कार्यालय में पहचान बताकर प्रहलाद को उपचार के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से चार लाख रुपए की आर्थिक मदद दिलवाने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने इसके एवज में पीड़ित से 20 हजार रुपए की मांग की लेकिन, मामला सात हजार रुपए में तय हुआ। पीड़ित ने सात हजार रुपए और कागज आरोपियों को दे दिए।
विज्ञापन
काफी दिनों तक इन दोनों ने प्रहलाद से कोई सम्पर्क नहीं किया और न ही सहायता मिली। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के फर्जी दस्तावेज दिखाकर वारदात की। दस्तावेज जब्त कर जांच में जुट गई। वहीं पीड़ित द्वारा दिए गए नम्बरों की जांच गई तो वह नम्बर राजस्थान के बाहर के निकले है तथा वह भी फर्जी पाए गए है।
विज्ञापन