Rajya Sabha Election: सुभाष चंद्रा का समर्थन करेगी आरएलपी, बेनीवाल बोले-भाजपा-कांग्रेस दोनों मिली हुई है
आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान की बर्बादी का कारण कांग्रेस और भाजपा का मिलाजुला गठबंधन है। इसलिए आरएलपी दोनों पार्टियों में से किसी को समर्थन नहीं देगी।
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नागौर सांसद और आरएलपी संयोजक हनुमान बेनीवाल सोमवार को भरतपुर पहुंचे। इस दौरान बेनीवाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए वे कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन नहीं देंगे और न ही भाजपा की बाड़ेबंदी मे शामिल होंगे। आरएलपी निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को अपना समर्थन और वोट देगी।
बेनीवाल ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों को अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है। इसलिए दोनों पार्टियां ने विधायकों की बाड़ेबंदी की है। वहीं कांग्रेस विधायक दिन में कुछ अलग बयान देते हैं और शाम को उनका बयान बदल जाता है क्योंकि सरकार में विधायकों को खुली छूट मिली हुई है। अपने कामों को करवाने के लिए मुख्यमंत्री पर विधायक दबाव बनाते हैं और मुख्यमंत्री को सरकार बचानी है।
कांग्रेस और भाजपा का मिलाजुला गठबंधन
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान की बर्बादी का कारण कांग्रेस और भाजपा का मिलाजुला गठबंधन है। 22 साल तक वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत एक -दूसरे को बारी-बारी से जिताते रहे। कांग्रेस के करीब एक दर्जन से अधिक नेताओं और मंत्रियों पर सीधे-सीधे आरोप लगे लेकिन एक भी मामले की सीबीआई जांच नहीं कराई गई।
राजस्थान के मुख्यमंत्री हो चुके हैं कमजोर
आरएलपी संयोजक ने कहा कि राजस्थान में आए दिन दुष्कर्म और हत्या की वारदात देखने को मिल रही है। अपराध के मामले में पहले राजस्थान 23वें नंबर पर था लेकिन आज उत्तर प्रदेश और बिहार को पीछे छोड़कर पहले नंबर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री कमजोर हो चुके हैं। सरकार को संभाल नहीं पा रहे हैं।
जनता को देंगे संदेश कि आरएलपी उनके साथ
उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां मिली हुई हैं। साढे तीन साल में किसी भी मुद्दे को लेकर भाजपा ने अब तक कोई भी बड़ा आंदोलन नहीं किया है। राजस्थान सरकार के मंत्रियों-नेताओं पर बड़े आरोप लगने के बाद भाजपा उनके विरोध में मजबूती से नहीं उतरी है। इसलिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने तय किया है कि राजस्थान में अब बड़े आंदोलन किए जाएंगे और जनता को यह संदेश दिया जाएगा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी उनके साथ खड़ी हुई है।