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Rajasthan: दो साल पहले मर चुके युवक की आत्मा लेने अस्पताल पहुंचा परिवार, बोला- उसे नहीं मिली है मुक्ति

Wed, 11 May 2022 08:30 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 11 May 2022 08:30 PM IST
सार

जोधपुर के मथुरा दास माथुर अस्पताल में दो साल पहले जिले के एक युवक की मौत हो गई थी। बुधवार को जलती हुई मशाल लेकर अस्पताल पहुंचे मृतक के परिवार ने दावा किया कि उसकी आत्मा अस्पताल में ही रह गई है। वह उसे लेने आए हैं।

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relatives reached hospital to collect soul of young man who had died two years ago in jodhpur
आत्मा लेने अस्पताल पहुंचा परिवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के जोधपुर में बुधवार को एक ग्रामीण परिवार अस्पताल में अपने बेटे की आत्म लेने पहुंच गया। इस दौरान उनके हाथों में जलती हुई मशाल भी थी। यह देख अस्पताल में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। आइए आपको बताते हैं यह हैरान करने वाला मामला....

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दरअसल, दो साल पहले जिले के मथुरा दास माथुर अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई थी। बुधवार को जलती हुई मशाल लेकर अस्पताल पहुंचे परिवार ने दावा किया कि उसकी आत्मा अस्पताल में ही रह गई है। वह उसकी आत्मा को लेने आए हैं। परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में टोटके करने शुरू किए तो पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इस दौरान एक भोपा हाथ में जलती हुई मशाल लेकर चलता जा रहा था और दो महिलाएं अलग-अलग रस्में निभा रही थीं। 
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अस्पताल के वार्ड क्षेत्र में जाकर एक चक्कर लगाकार सभी पार्किंग परिसर में आ गए। जहां भोपा मंत्र पढ़ते हुए तेजी से चलता हुआ दिखाई दिया। एक महिला हाथ से जल का छिड़काव कर रही थी, तो दूसरी धान के दाने बिखेरती जा रही थी। भोपा ने उन्हें बोलने से मना कर रखा था, मीडिया और लोगों के कैमरे देखे तो उनके कदम तेज हो गए। इसके बाद सभी उस वार्ड में गए जहां युवक की मौत हुई थी, लेकिन अस्पताल के पुलिस ने उन्हें बाहर निकाल दिया।
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फिर वह उस पार्किंग में गए, जहां गाड़ी में युवक का शव रखा गया था। जहां मंत्रोचार कर भोपा ने कहा कि आत्मा आ गई है और फिर सभी चले गए। एक परिजन ने बताया कि उनसे भाई की दो साल पहले अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन उसे मुक्ति नहीं मिली है। इस कारण से हम अस्पताल आए थे। 

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