रेप केसः और बढ़ गई आसाराम की मुश्किलें
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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में फंसे आसाराम को अदालत में पीडि़ता को बालिग सिद्ध करने में अब काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर ग्रामीण ने सोमवार को पीडि़ता की दसवीं की अंकतालिका व प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज रिकॉर्ड पर ले लिए।
इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने से घटना के समय पीडि़ता को नाबालिग होने की अभियोजन पक्ष की दलील को मजबूती मिलेगी। आसाराम के वकील ने जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर ग्रामीण की ओर से पीडि़ता की दसवीं की अंकतालिका सहित अन्य दस्तावेज को स्वीकार करने का विरोध किया था और इस निर्णय के खिलाफ जोधपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन जोधपुर हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह आसाराम की याचिका खारिज कर दी थी।
जेल जाने को तैयार समर्थक
पेशी के दौरान आसाराम के समर्थकों ने कोर्ट के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिस को उन्हें खदेडऩे में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान समर्थकों में शामिल उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित वरसड़ा निवासी प्रमोद जबरन आसाराम के साथ जेल जाने पर अड़ गया और पुलिस पर पथराव किया।
वह चिल्लाने लगा कि उसे आसाराम के साथ जेल भेज दो। मुश्किल से पुलिस ने इसे दबोच पाया। साथ ही, समर्थकों में शामिल औरंगाबाद निवासी बाबूलाल ने खुद को मीडियाकर्मी बताया और आसाराम का इंटरव्यू लेने के लिए जबरन कोर्ट में घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने जबरन रोका तो पुलिस से ही झगडऩे लगा। पुलिस ने दोनों युवकों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।