राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष बाेले- राज्य सरकार को लागू करना पड़ेगा सीएए, यह केंद्र का विषय है
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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राज्य सरकार को लागू करना ही पड़ेगा। यह केंद्र का विषय है, राज्य का नहीं। सीपी जोशी ने सात फरवरी को उदयपुर में मीरा महिला महाविद्याल के वार्षिक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित किया है और राज्य सरकार को इसे लागू करना है। संविधान के तहत, नागरिकता केंद्र का विषय है, राज्य का नहीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें समवर्ती सूची के विषयों पर ही कानून बना सकती हैं। जैसे मोटरव्हीकल एक्ट के तहत केंद्र ने कानून बनाया। राज्य चाहे तो इसे लागू नहीं करेंगे। पर कानून की व्यवस्था यह है कि कॉन्करेंट सब्जेक्ट में सेंट्रल गर्वमेंट ने कोई कानून बना दिया तो कोई भी राज्य उसके विरोध में कोई कानून नहीं बना सकता।
जोशी ने कहा, सिटीजनशिप का कानून बनाना गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के संविधान के अंदर सेंट्रल सब्जेक्ट-स्टेट सब्जेक्ट है। अब वोट देकर देश की सत्ता को बदलना चाहते हैं। देश की नीतियों को परिवर्तित करना चाहते हैं, लेकिन वोटर को हम शिक्षित नहीं करना चाहते हैं। शिक्षित नौजवान अब वोटर को शिक्षित करेंगे। यह संस्कार यदि हम छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से नई पीढ़ी को नहीं दे सकते हैं तो आनेवाले समय में संसदीय लोकतंत्र के सामने बहुत बड़ा प्रश्न चिह्न खड़ा हो जाएगा।
भाजपा ने सीपी जोशी को समर्थन के लिए दी बधाई
सीपी जोशी के बयान पर राजस्थान भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मैं सीपी जोशी जी का स्वागत करता हूं और बधाई देता हूं कि उन्होंने इसका समर्थन किया है। उनसे पहले शशि थरूर, जयराम रमेश, सलमान खुर्शीद और कपिल सिब्बल जैसे कई कांग्रेसी नेता भी कह चुके हैं कि नागरिकता संशोधन कानून को लागू करना होगा।
Satish Poonia, Rajasthan BJP President: I welcome and congratulate CP Joshi ji that he has supported it. Before him, many Congress leaders like Shashi Tharoor, Jai Ram Ramesh, Salman Khurshid&Kapil Sibal have also said that Citizenship Amendment Act will have to be implemented. https://t.co/nwwCnDEMGh pic.twitter.com/hP63Y7o6BA
— ANI (@ANI) February 9, 2020
राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित
राजस्थान विधानसभा में 25 जनवरी को विपक्षी भाजपा के विरोध के बीच सीएए के खिलाफ प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ था। इसमें केंद्र सरकार से नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने की मांग की गई। केरल, पंजाब के बाद राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला देश का तीसरा और कांग्रेस शासित दूसरा राज्य है।
अशोक गहलोत कर चुके हैं सीएए को निरस्त करने की मांग
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को निरस्त करे क्योंकि यह धर्म के आधार पर लोगों से भेदभाव करने वाला कानून है। सीएए को जिक्र करते हुए गहलोत ने ट्वीट किया था, राज्य विधानसभा ने सीएए के खिलाफ संकल्प प्रस्ताव आज पारित किया और हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह इस कानून को निरस्त करे क्योंकि यह धार्मिक आधार पर लोगों से भेदभाव करता है जो हमारे संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। गहलोत ने देशभर में सीएए के विरोध का जिक्र करते हुए कहा था कि चूंकि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है इसलिए इसे निरस्त किया जाना चाहिए।