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Rajasthan: पुलिस से गैंगस्टर बना 'प्रवीण कमांडो' चढ़ा एजीटीएफ के हत्थे, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था जुड़ा
Sat, 21 Jun 2025 08:52 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुरू
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 21 Jun 2025 08:52 PM IST
सार
राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करने वाले पूर्व पुलिस कमांडो प्रवीण सिंह जोड़ी को चूरू से गिरफ्तार कर लिया।
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प्रवीण सिंह जोड़ी उर्फ प्रवीण कमांडो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने शनिवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गैंगस्टर और पूर्व पुलिस कमांडो प्रवीण सिंह जोड़ी उर्फ प्रवीण कमांडो (43) को चूरू बायपास से गिरफ्तार कर लिया। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था और ₹25,000 के इनामी अपराधियों में शामिल था।
एडीजी (अपराध) एमएन ध्यानी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ चूरू के होटल सनसिटी पर फायरिंग समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे चूरू कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। ऑपरेशन की कमान इंस्पेक्टर सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में थी, जिसमें हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह और महावीर सिंह सहित आठ सदस्यीय टीम शामिल रही। हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह की खुफिया सूचना पर ही आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
पुलिस से गैंगस्टर बनने की कहानी
प्रवीण जोड़ी वर्ष 2001 में झालावाड़ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई व आनंदपाल गैंग से संबंध सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। वह व्यापारियों के मोबाइल नंबर गैंगस्टरों को उपलब्ध कराता था, जिससे वे फिरौती वसूलने का काम करते थे।
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यह भी पढ़ें: चोरों ने फिर चटकाए दो घरों के ताले, नौ लाख से अधिक की चोरी, जांच में जुटी पुलिस
होटल सनसिटी फायरिंग में था वांछित
18 अगस्त 2024 को चूरू के होटल सनसिटी में जानलेवा फायरिंग की घटना में प्रवीण जोड़ी आरोपी था। हमले में होटल कर्मचारी मन्जत अली बाल-बाल बचा था। इसी मामले में चूरू एसपी ने उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया था। इस ऑपरेशन को एडीजी योगेश यादव व एएसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में अंजाम दिया गया। हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह और महावीर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्यों में एएसआई शंकर दयाल शर्मा, सुरेश, कमल डागर, नरेश, रतिराम और चालक सुरेश शामिल थे।
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एडीजी (अपराध) एमएन ध्यानी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ चूरू के होटल सनसिटी पर फायरिंग समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे चूरू कोतवाली थाना पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। ऑपरेशन की कमान इंस्पेक्टर सुभाष सिंह तंवर के नेतृत्व में थी, जिसमें हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह और महावीर सिंह सहित आठ सदस्यीय टीम शामिल रही। हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह की खुफिया सूचना पर ही आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
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पुलिस से गैंगस्टर बनने की कहानी
प्रवीण जोड़ी वर्ष 2001 में झालावाड़ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई व आनंदपाल गैंग से संबंध सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। वह व्यापारियों के मोबाइल नंबर गैंगस्टरों को उपलब्ध कराता था, जिससे वे फिरौती वसूलने का काम करते थे।
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होटल सनसिटी फायरिंग में था वांछित
18 अगस्त 2024 को चूरू के होटल सनसिटी में जानलेवा फायरिंग की घटना में प्रवीण जोड़ी आरोपी था। हमले में होटल कर्मचारी मन्जत अली बाल-बाल बचा था। इसी मामले में चूरू एसपी ने उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया था। इस ऑपरेशन को एडीजी योगेश यादव व एएसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में अंजाम दिया गया। हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह और महावीर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्यों में एएसआई शंकर दयाल शर्मा, सुरेश, कमल डागर, नरेश, रतिराम और चालक सुरेश शामिल थे।