आसाराम को झटका, बीमारी के आधार पर नहीं मिली जमानत
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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल काट रहे आसाराम को बुधवार को राजस्थान उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली। अदालत के निर्देश पर अब आसाराम की खुद की बताई दर्जनभर बीमारियों का परीक्षण मेडिकल बोर्ड करेगा। बोर्ड को 2 जुलाई को न्यायालय में अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अदालत आसाराम की जमानत को लेकर कोई फैसला करेगी। मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी।
आसाराम की ओर से जमानत को लेकर दायर याचिका में 12 बीमारियों का उल्लेख किया गया है। आसाराम की ओर से उच्चतम न्यायालय के वरीष्ठ अधिवक्ता राजूराम चन्द्र, जोधपुर के अधिवक्ता नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने पक्ष रखते हुए आसाराम को त्रिनाड़ी शूल से ग्रस्त बताते हुए अंतरिम जमानत की पैरवी की।
वहीं सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विष्णु कच्छवाह और पीड़िता के अधिवक्ता पीसी सोलंकी ने अदालत में कहा कि आसाराम की बीमारियों का परीक्षण मेडिकल बोर्ड से करवाया जाए। सुनवाई के बाद अदालत ने एसएन मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिए कि परीक्षण के लिए वह एक मेडिकल बोर्ड का गठन करे।
मेडिकल बोर्ड करेगा आसाराम की बीमारियों का परीक्षण
अदालत ने निर्देश के अनुसार बोर्ड पांच सदस्यीय होगा, जिसमें न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन और रेडिएशन, आंकोलॉजी विशेषज्ञ को सम्मिलित किया जाएगा।
डॉ. अरुण कुमार त्यागी के आरोग्यम् आयुर्वेदिक पंचकर्म हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर की ओर से 23 मार्च 2016 की रिपोर्ट के अनुसार आसाराम के शरीर में बारह बीमारियां बताई गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार आसाराम को शिरोरूक, हनु भेद, दन्त भेद, चेहरे एवं स्पर्शाह्यता एवं तीव्र वेदना, बोलने और चबाने पर दर्द, कटि पृष्ठ शूल, पाद शूल, जानु शूल, अक्षि कूट शोध, अनिद्रा, लगातार बैठने एवं खड़े रहने पर वेदना और मूत्र प्रवृत्ति बार बार होने की बीमारियों का उल्लेख किया गया है।
साथ ही त्रिगेमिनल नेरूलिगा व हायपोथायरॉडिस्म का भी उल्लेख है। याचिका में इन बीमारियों के इलाज के लिए केरल स्थित इस आयुर्वेद पंचकर्म को बेहतर स्थान बताया गया है। डॉ. त्यागी की रिपोर्ट को आधार बनाकर आसाराम ने केरल में उपचार के लिए अंतरिम जमानत की अर्जी पेश की है।