Rajasthan: दो साल से पाकिस्तानी महिला एजेंटों के संपर्क में था सेना का जवान, जांच एजेंसी कर रही पूछताछ
आरोपी सेना का जवान पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसकर दो पाक महिला एजेंटों को सेना की गोपनीय जानकारी भेज रहा था।
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पाकिस्तान खुफिया एजेंसी की महिला हैंडलरों को रेजिमेंट के गोपनीय दस्तावेज और युद्ध अभ्यास के वीडियो भेजने वाले जवान शांतिमोय राणा को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है। स्टेट इंटेलिजेंस की टीम ने मंगलवार शाम को उसे मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट जयपुर की अदालत में पेश किया गया था। मामले की गंभीरता और गहन जांच की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने उसे 2 दिन की रिमांड पर भेजा दिया। उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। रिमांड पूरी होने पर 29 जुलाई को उसे एक बार फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
डीजीपी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी जवान राणा से पूछताछ कर रहे हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब दो साल से पाक महिला हैंडलरों के संपर्क में था। वह कई व्हाट्सएप नंबरों और टेलीग्राम के जरिए उनसे लगातार बात कर रहा था। उसने अपनी रेजिमेंट के गोपनीय दस्तावेज, युद्ध अभ्यास के वीडियो सहित संवेदनशील और गोपनीय सूचनाएं उन्हें दी हैं। इसके बदले में उसके खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी जवान शांतिमोय राणा पश्चिम बंगाल के बागुंडा का रहने वाला है। उसके बैंक अकाउंट रिकॉर्ड में रुपये प्राप्त होने की पुष्टि हुई है। पाक महिला हैंडलरों के इशारे पर आरोपी के खाते में रुपये भेजने वाले और महिला हैंडलरों के नंबरों पर बात करने वाले अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
डीजी इंटेलिजेंस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी जवान ने बताया कि वह साल 2018 से भारतीय सेना में है। दो साल से व्हाट्सएप चैट और ऑडियो और वीडियो कॉलिंग के माध्यम से महिला पार्क एजेंट के संपर्क में है। आरोपी जवान ने बताया कि गुरनुर कौर उर्फ अंकिता छद्म नाम की महिला ने अपने आप को शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश निवासी बताया था। उसने बताया कि वह मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में कार्य करती है। इसके साथ ही एक अन्य युवती निशा ने बताया कि वह मिलट्री नर्सिंग सर्विस में काम करती है।
दोनों महिला एजेंटों ने जवान को हनी ट्रैप और पैसों का लोभ देकर सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज के फोटोग्राफ और युद्ध अभ्यास के वीडियो मांगे। प्रलोभन में आकर आरोपी जवान अपनी रेजिमेंट की गोपनीय दस्तावेज और युद्धाभ्यास के वीडियो सोशल मीडिया के जरिए पाक महिला एजेंटों को भेज रहा था। जिसके लिए उसे पाक महिला एजेंट ने बैंक खाते में पैसे भी भेजे। डीजी इंटेलिजेंस मिश्रा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ और मोबाइल फोन की तकनीकी विश्लेषण में तथ्यों की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। उससे पूछताछ की जा रही है।