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राजस्थान सरकार का बड़ा एलान, सरकारी दफ्तरों में नहीं होगा जीमेल-हॉटमेल का प्रयोग
Wed, 16 Oct 2019 12:55 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 16 Oct 2019 12:55 PM IST
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राजस्थान सरकार
- फोटो : pti
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सरकारी डाटा लीक होने से बचाने के लिए राजस्थान की सरकार ने एक बड़ा एलान किया है। इसके तहत वह प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में अंतरराष्ट्रीय ई—मेल डोमेन सर्विसेज पर पाबंदियां लगाने वाली है। इन पाबंदियों के लागू होने पर सरकारी अफसर शासकीय सूचना और फाइल आदि के पत्राचार के लिए गूगल की जीमेल, हॉट मेल, याहू और रेड ईफ मेल सेवा जैसे अंतरराष्ट्रीय ई—मेल डोमेन सेवा का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
सरकारी मेल सेवा डोमेन से ही होगा संवाद
सभी शासकीय आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सरकारी बाबुओं को अब सरकारी मेल सेवा डोमेन के माध्यम से ही संवाद स्थापित करना होगा। हालांकि राज्य सरकार को खुद का ई-मेल डोमेन बनाने के लिए अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
साथ ही राजकीय उपक्रमों, निगम, बोर्ड, कार्पोरेशनों को सेवा तंत्र बनाने के लिए प्रति मेल कुछ राशि डीओआईटी विभाग को चुकानी होगी। प्रदेश सरकार के इस बदलाव से सभी विभागों के करीब साढ़े आठ लाख अफसर और कर्मचारी प्रभावित होंगे।
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मुख्य सचिव से लेकर लिपिक तक करेंगे इस मेल सेवा का उपयोग
सरकार की ओर से शुरू की गई इस सेवा के बाद ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य सचिव से लेकर बाबू तक एक ही मेल सेवा का उपयोग करेंगे। सरकार की इस योजना के बारे में मुख्य सचिव डी बी गुप्ता का कहना है कि अभी तक सभी सरकारी काम विदेशी कंपनियों के ई-मेल सिस्टम के मार्फत किए जाते थे।
ऐसे में सरकारी डाटा के लीक होने का खतरा बना रहता था। डाटा की प्राइवेसी और सरकारी डाटा की सुरक्षा के लिए गूगल की जीमेल, हॉटमेल जैसी ई-मेल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना जरूरी था।
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सरकारी मेल सेवा डोमेन से ही होगा संवाद
सभी शासकीय आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सरकारी बाबुओं को अब सरकारी मेल सेवा डोमेन के माध्यम से ही संवाद स्थापित करना होगा। हालांकि राज्य सरकार को खुद का ई-मेल डोमेन बनाने के लिए अतिरिक्त चार्ज देना होगा।
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साथ ही राजकीय उपक्रमों, निगम, बोर्ड, कार्पोरेशनों को सेवा तंत्र बनाने के लिए प्रति मेल कुछ राशि डीओआईटी विभाग को चुकानी होगी। प्रदेश सरकार के इस बदलाव से सभी विभागों के करीब साढ़े आठ लाख अफसर और कर्मचारी प्रभावित होंगे।
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मुख्य सचिव से लेकर लिपिक तक करेंगे इस मेल सेवा का उपयोग
सरकार की ओर से शुरू की गई इस सेवा के बाद ऐसा पहली बार होगा कि मुख्य सचिव से लेकर बाबू तक एक ही मेल सेवा का उपयोग करेंगे। सरकार की इस योजना के बारे में मुख्य सचिव डी बी गुप्ता का कहना है कि अभी तक सभी सरकारी काम विदेशी कंपनियों के ई-मेल सिस्टम के मार्फत किए जाते थे।
ऐसे में सरकारी डाटा के लीक होने का खतरा बना रहता था। डाटा की प्राइवेसी और सरकारी डाटा की सुरक्षा के लिए गूगल की जीमेल, हॉटमेल जैसी ई-मेल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना जरूरी था।