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बारां: मुझे फिर जेल भेजने की साजिश...खाद आंदोलन के बाद केस दर्ज होने पर बोले किसान नेता नरेश मीणा
Sun, 25 Oct 2026 07:04 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Sun, 25 Oct 2026 07:04 PM IST
सार
बारां जिले के छबड़ा थाना क्षेत्र में खाद की उपलब्धता को लेकर हुए आंदोलन के बाद किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सहायक कृषि अधिकारी सुरेश मालव की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में सरकारी काम में बाधा डालने, लोगों को उकसाने और मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने के आरोप हैं।
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किसान नेता नरेश मीणा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के छबड़ा थाना क्षेत्र में खाद आंदोलन के पश्चात किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। छबड़ा के सहायक कृषि अधिकारी सुरेश मालव की ओर से पुलिस में दी गई शिकायत के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है। क्षेत्र के किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नरेश मीणा ने आंदोलन चलाया था।
वहीं, नरेश मीणा ने इस पुलिस कार्रवाई को पंचायतीराज चुनाव से जोड़कर अपनी बात रखी है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक गतिविधियों को बाधित करने के विए उन्हें फिर से जेल भेजने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
सरकारी कार्य में बाधा और भड़काने का आरोप
सहायक कृषि अधिकारी सुरेश मालव की लिखित शिकायत पर दर्ज मामले में नरेश मीणा के विरुद्ध कई गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। कृषि विभाग का आरोप है कि खाद वितरण व्यवस्था के दौरान नरेश मीणा ने न केवल राजकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया, बल्कि वहां उपस्थित लोगों को उकसाने और मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध करने का काम भी किया। किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर हुए आंदोलन के बाद कृषि अधिकारी ने पुलिस थाने पहुंचकर यह कानूनी मामला दर्ज कराया।
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कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर गंभीर आरोप
अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के तत्काल बाद नरेश मीणा ने राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नरेश मीणा ने दावा किया कि कृषि मंत्री ने अपने प्रशासनिक प्रभाव का अनुचित उपयोग करते हुए विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज करवाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाने पर सरकार दमनकारी कदम उठा रही है और अधिकारियों के माध्यम से लोकतंत्र में उठने वाली विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है।
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वहीं, नरेश मीणा ने इस पुलिस कार्रवाई को पंचायतीराज चुनाव से जोड़कर अपनी बात रखी है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक गतिविधियों को बाधित करने के विए उन्हें फिर से जेल भेजने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
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सरकारी कार्य में बाधा और भड़काने का आरोप
सहायक कृषि अधिकारी सुरेश मालव की लिखित शिकायत पर दर्ज मामले में नरेश मीणा के विरुद्ध कई गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। कृषि विभाग का आरोप है कि खाद वितरण व्यवस्था के दौरान नरेश मीणा ने न केवल राजकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया, बल्कि वहां उपस्थित लोगों को उकसाने और मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध करने का काम भी किया। किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर हुए आंदोलन के बाद कृषि अधिकारी ने पुलिस थाने पहुंचकर यह कानूनी मामला दर्ज कराया।
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कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर गंभीर आरोप
अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के तत्काल बाद नरेश मीणा ने राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नरेश मीणा ने दावा किया कि कृषि मंत्री ने अपने प्रशासनिक प्रभाव का अनुचित उपयोग करते हुए विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज करवाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाने पर सरकार दमनकारी कदम उठा रही है और अधिकारियों के माध्यम से लोकतंत्र में उठने वाली विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है।