Satish Poona Big Statement: राजस्थान में बड़ा फेरबदल संभव, भाजपा अध्यक्ष पूनिया के बयान पर सियासी घमासान, एग्जिट पोल से कांग्रेस के हाथ-पांव फूले
राजस्थान में एग्जिट पोल के नतीजों के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। प्रियंका गांधी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर डिनर पर पहुंची, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के एग्जिट पोल के नतीजों ने राजस्थान की राजनीति में भी गर्माहट पैदा कर दी है। पिछले एक साल में गहलोत सरकार आपसी खींचातानी, मंत्रीमंडल विस्तार और राजनीतिक विस्तार में फंसी रही है। वहीं अब पांच राज्यों के एग्जिट पोल से प्रदेश कांग्रेस के अंदर हलचल दिखाई दे रही है। पिछले दो दिनों में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का जयपुर दौरा इस बात की पुष्टि है। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कांग्रेस को लेकर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व अपना अस्तित्व खो रही है। इसका प्रमाण 10 मार्च को मिल जाएगा।
प्रियंका गांधी का मुख्यमंत्री गहलोत के घर पारिवारिक डिनर कहीं ना कहीं प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कद को दर्शाने में अहम भूमिका दिखा रहा है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी राजस्थान कांग्रेस सरकार पर बड़ा बयान दे कर राजनीतिक हलचल को बढ़ा दी है। पूनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस में चल रही हलचल चुनाव से पहले ही कहीं सरकार को उखाड़ ना दे। 2018 में भी मुख्यमंत्री के पद को लेकर विवाद रहा है, जो अब तक बरकरार है। प्रियंका गांधी का जयपुर दौरा भी कहीं ना कहीं अंतर्कलह को दर्शाता है क्योंकि पायलट उत्तर प्रदेश चुनाव में स्टार प्रचारक थे। इसलिए प्रियंका गांधी का गहलोत के घर आना ये संदेश है कि गहलोत के रिश्ते आलाकमान से ज्यादा मजबूत हैं। कांग्रेस नेतृत्व की समस्या के कारण अपना अस्तित्व खोती जा रही है।
पूनिया ने प्रियंका के बजट वाले बयान पर कांग्रेस को घेरा है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रियंका गांधी ने 24 फरवरी को राजस्थान बजट को लेकर ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने पेंशन स्कीम का गुणगान किया। वहीं जयपुर में प्रियंका गांधी कहती हैं कि मुझे बजट के बारे में नहीं पता, गहलोत जी से पूछिए। उनका ये बयान दर्शाता है कि कांग्रेस का नेतृत्व क्या चाहता है। कांग्रेस को ही गहलोत के बजट पर विश्वास नहीं है। पूनिया ने कहा कि कांग्रेस जो पचास साल में नहीं कर पाई, वो मोदी जी ने सात साल में कर दिया है।