फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan Vidhan Sabha Election 2018: Bhim army campaigning Door to Door for Congress

राजस्थान चुनाव: कांग्रेस के लिए इस तरह प्रचार कर रही है भीम सेना

Mon, 03 Dec 2018 03:21 PM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Dec 2018 03:21 PM IST
विज्ञापन
Rajasthan Vidhan Sabha Election 2018: Bhim army campaigning  Door to Door  for Congress
राजस्थान में कांग्रेस को मिला भीम सेना का साथ - फोटो : Amar Ujala

राजस्थान के जैसलमेर और पोकरण में जातिगत गोलबंदी को अपने पक्ष में करने के लिए दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है, लेकिन दलित मतदाताओं तक पहुंच के मामले में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा से आगे नजर आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह यहां 'भीम सेना' नामक समूह है जो कांग्रेस के पक्ष में 'डोर टू डोर' प्रचार कर रहा है।

विज्ञापन


दरअसल भीम सेना से जुड़े लोगों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी सरकार और वसुंधरा राजे सरकार में दलित समुदाय के लोगों एवं उनको मिले संवैधानिक अधिकारों को निशाना बनाया गया है, इसलिए वे दोनों सरकारों को सबक सिखाने चाहते हैं। इस समूह के कार्यकर्ता दलित समुदायों की बस्तियों एवं उनके घरों पर जाकर जैसलमेर और पोकरण विधानसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं। ये लोग व्हाट्सऐप का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन


कांग्रेस ने जैसलमेर सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के रूपा राम और पोकरण सीट पर मुस्लिम समुदाय के शाले मोहम्मद को उम्मीदवार बनाया है। शाले मोहम्मद जैसलमेर के सिंधी मुस्लिम धर्म गुरू गाजी फकीर के पुत्र हैं। जैसलमेर-पोकरण क्षेत्र में 'भीम सेना' के अध्यक्ष कैलाश चंद नागौरा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, 'हमारा संगठन इस इलाके में पिछले पांच वर्षों से सक्रिय है। मौजूदा समय में हमारे करीब एक हजार सदस्य दोनों सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में डोर टू डोर प्रचार में जुटे हुए हैं।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह पूछे जाने पर कि बसपा एवं कुछ अन्य विकल्पों के होते हुए भी 'भीम सेना' कांग्रेस का समर्थन क्यों कर रही है, इन्होंने कहा कि हमारा मकसद दलित विरोधी भाजपा को सबक सिखाना है। इस समय सिर्फ कांग्रेस ही यहां भाजपा को हरा सकती है, इसलिये हम चाहते हैं कि बाबा साहेब में आस्था रखने वाले लोग कांग्रेस के पक्ष में वोट करें।' 

'भीम सेना के प्रचार से फर्क नहीं'

नागौरा ने आरोप लगाया, 'केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से दलितों के संवैधानिक अधिकारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कभी एससी-एसटी कानून को कमजोर करने की कोशिश होती है तो कभी आरक्षण खत्म करने और संविधान बदलने की धमकी दी जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों और राजस्थान में दलितों पर हमले किये गए। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल (एससी-एसटी कानून से संबंधित) के आंदोलन के बाद बहुत बदलाव आया है। अब दलित समाज खासकर हमारे युवा अपने अधिकारों को लेकर अधिक सजग हो गए हैं।' 

उधर, भाजपा का कहना है कि 'भीम सेना' के प्रचार से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है क्योंकि दलित समाज जानता है कि नरेंद्र मोदी सरकार एवं वसुंधरा राजे की सरकार में उनके लिए बहुत काम हुआ है।जैसलमेर जिले के भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार और वसुंधरा राजे सरकार की अधिकतर योजनाओं से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को सबसे अधिक फायदा हुआ है। इसलिए किसी प्रचार से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और यह समाज भाजपा का साथ देगा।' 

जैसलमेर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विकास व्यास ने कहा कि दलित समाज दूसरे सभी वर्गों की तरह भाजपा से आक्रोशित है। संवैधानिक संस्थाओं और अधिकारों पर जिस तरह से हमले किये जा रहे हैं उससे दलित समाज के लोग भी भाजपा की सरकारों से मुक्ति चाहते हैं। भीम सेना के लोगों की अपने समाज में अच्छी पकड़ है और आशा है कि इससे कांग्रेस की जीत का अंतर और बड़ा हो जाएगा।' 

पिछले चुनाव में जैसलमेर और पोकरण दोनों सीटें भाजपा ने जीती थीं, लेकिन उसने इस बार दोनों निवर्तमान विधायकों के टिकट काट दिए। पार्टी ने जैसलमेर से छोटू सिंह भाटी का टिकट काटकर सांग सिंह भाटी को मैदान में उतारा है तो पोकरण में शैतान सिंह का टिकट काटकर महंत प्रताप पुरी को उम्मीदवार बनाया गया है। गौरतलब है कि राजस्थान में 200 सीटों में से 199 पर सात दिसंबर को मतदान है। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed