राजस्थान विधानसभा चुनाव : टिकट कटने पर कांग्रेस में बगावत तेज, भाजपा के दो विधायकों का इस्तीफा
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कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को तीसरी सूची जारी की, जिसमें 10 नए चेहरों को शामिल किया गया। बगावत के तेज होते माहौल को कम करने के लिए तीन प्रत्याशियों को भी बदला है।
बावजूद इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खंडेला सीट से सुभाष मील को टिकट दी गई है, जिसके विरोध में महादेव सिंह के समर्थक उतर आए हैं। खंडेला ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही कांग्रेस ने 200 में 199 सीटों पर स्थिति साफ कर दी है, लेकिन वहीं दौसा की महवा सीट के प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। अलवर से मौजूदा सांसद करण सिंह यादव को किशनगढ़ बास सीट से टिकट दिया है।
कांग्रेस ने पांच सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ीं
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीडी कल्ला को बीकानेर पश्चिम से यशपाल गहलोत की जगह उम्मीदवार बनाया है। यशपाल गहलोत अब बीकानेर पूर्व से चुनाव लड़ेंगे। यहां से पहले कन्हैया लाल झंवर को टिकट दिया गया था।
केशोरायपाटन से सीएल प्रेमी की जगह राकेश बोयत को प्रत्याशी बनाया गया है। चार बार की विधायक रहीं बीना काक का टिकट काट दिया गया है। काक की जगह सुमेरपुर से नए चेहरे रंजू रमावत को उतारा गया है।
कांग्रेस ने पांच सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं। राष्ट्रीय लोकदल भरतपुर और मालपुरा, बाली से एनसीपी और शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल कुशलगढ़ और मुंदावर सीट से चुनाव लड़ेगी। जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ी गई है।
रामेश्वर डूडी बोले, नहीं लड़ूंगा चुनाव
बीकानेर पूर्व से कन्हैया लाल झंवर का नाम काटने से नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी नाराज हो गए हैं। उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह कह रहे हैं कि अगर झंवर को टिकट वापस नहीं दिया गया, तो वे नौखा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे।पार्टी आलाकमान ने जो कुछ भी किया वो बहुत गलत है।
निजाम कुरैशी का इस्तीफा
टिकट वितरण में अल्पसंख्यकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष निजाम कुरैशी ने इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ प्रकोष्ठ के 35 जिला अध्यक्षों ने इस्तीफे भी भेजे गए हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने इस मामले में कहा कि मानवेंद्र सिंह झालरापाटन सीट से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जवाब देने में सक्षम हैं। पार्टी का ये एक रणनीतिक कदम है। उन्हें सोच समझकर उम्मीदवार बनाया गया है। ये चुनाव बहुत ही दिलचस्प होगा और कोई आश्चर्य नहीं कि मानवेंद्र जीत जाएं।
भाजपा से दो विधायकों का इस्तीफा
महुआ से विधायक और सरकार में संसदीय सचिव ओमप्रकाश हुडला व अलवर के रामगढ़ से विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी वर्तमान सीट से हाल ही भाजपा में शामिल हुए किरोड़ी लाल मीणा के परिवार से टिकट दिया जा रहा है।
आहूजा ने भी जयपुर की सांगानेर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। इस सीट से भाजपा से इस्तीफा देकर भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले घनश्याम तिवाड़ी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता ममता शर्मा भाजपा में शामिल हो गई।