Rajasthan: जयपुर में असदुद्दीन ओवैसी की सभा आज, गहलोत-मोदी सरकार पर बोलेंगे हमला, प्रदेश की 30-35 सीटों पर नजर
राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के साथ ही अन्य सियासी पार्टियां भी चुनावी दंगल में उतर रहीं हैं। प्रदेश में कांग्रेस को वोट बैंक का बड़ा डैमेज होने का खतरा एआईएमआईएम से है। जिसके सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी आज जयपुर में जनसभा कर रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी जयपुर के रामलीला मैदान में cकी बड़ी जनसभा रखी गई है। सूत्रों के मुताबिक एआईएमआईएम इस बार 30 से 35 विधानसभा सीटों पर अपने कैंडिडेट विधानसभा चुनाव में खड़े कर सकते हैं। ये सीटें मुस्लिम बाहुल्य या बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर्स वाली मानी जाती हैं। कांग्रेस मुस्लिम समाज को अपना परंपरागत वोट बैंक मानकर चलती है। राजस्थान की 30 से 35 सीटों पर मुस्लिम समाज बड़े फैक्टर के रूप में काम करता है। इसलिए एआईएमआईएम और असदुद्दीन ओवैसी का राजस्थान में चुनावी शंखनाद के लिए आना कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है।
बीजेपी को मिलेगा बड़ा सियासी फायदा
इन सीटों में से करीब एक दर्जन से ज़्यादा सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी जीतकर आते रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव बीजेपी को एआईएमआईएम के आने से बड़ा सियासी फायदा हो सकता है ।क्योंकि कांग्रेस पार्टी के परंपरागत वोट इससे कटेंगे।
प्रदेश के 18 जिलों में 30 से 35 सीटें ऐसी हैं जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर हैं और चुनावी हार-जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें जयपुर, अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, अलवर, भरतपुर, नागौर जिलों में स्थित सीटों पर हर चुनाव में 15 के लगभग मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर आते रहे हैं।
पदाधिकारियों के साथ करेंगे बैठक
असदुद्दीन ओवैसी आज जयपुर दौरे पर हैं। रामलीला मैदान में ओवैसी प्रदेशस्तरीय सम्मलेन को सम्बोधित करने के बाद प्रदेशभर के पार्टी पधाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति बनाएंगे। कैंडिडेट और टिकटों पर भी मंथन करेंगे। पहले ओवैसी की यह रैली मोती डूंगरी रोड पर होने वाली थी। लेकिन पुलिस ने वहां पर रैली की अनुमति नहीं दी। इसके बाद रामलीला मैदान में रैली की मंजूरी दी है।
पहली बार उम्मीदवार उतारेगी एआईएमआईएम, कांग्रेस बता चुकी बीजेपी की टीम-बी
ओवैसी की पार्टी पहली बार राजस्थान में उम्मीदवार उतारेगी। माइनॉरिटी बाहुल्य सीटों पर कैंडीडेट्स खड़े किए जाएंगे। कांग्रेस को पता है कि इससे उन्हें बड़ा नुकसान होगा और हिंदू वोटों का पोलराइजेशन बीजेपी के पक्ष में होने से बीजेपी को बड़ा चुनावी फायदा हो सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले दिनों एआईएमआईएम को बीजेपी की टीम भी करार दिया था। सीएम गहलोत की कांग्रेस सरकार को ओवैसी मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों पर घेरते रहे हैं। अप्रैल महीने में उन्होंने राजस्थान में मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक हालत और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर एक रिपोर्ट तैयार करवाई थी। ओवैसी ने तब मुसलमानों को विकास में पिछड़ा बताते हुए कांग्रेस-बीजेपी सरकारों को घेरा था। अल्पसंख्यक विकास में पिछड़ेपन और भेदभाव को मुद्दा बनाकर ओवैसी फिर से निशाना साधेंगे।