अशुद्ध पेयजल, भोजन की कमी से 7 बच्चों की मौत, चार की हालत बिगड़ी
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राजस्थान के कई इलाकों में पानी की कमी के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। जयपुर के सरकारी अस्पताल में ऐसे कई बच्चों को भर्ती कराया गया है जो अशुद्ध पेयजल और भोजन की कमी के कारण गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले 12 दिनों में सात बच्चे इन बीमारियों की वजह से दम तोड़ चुके हैं, जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
जयपुर के गर्वनमेंट हॉस्पिटल के अधीक्षक डा. अशोक गुप्ता के अनुसार आईसीयू में भर्ती कुछ बच्चों के लिए अगले 48 घंटे काफी संवेदनशील हैं। दूषित पेयजल और भोजन की कमी के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो गई है और इन्हें संक्रमण हो गया है।
जानकारी के अनुसार जयपुर के नजदीकी इलाकों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके चलते लोगों को दूषित पानी से ही काम चलाना पड़ रहा है। इसकी वजह से उन्हें विभिन्न बीमारियों ने भी घेर लिया है।
दूषित पेजयल के कारण बच्चों को संक्रमण और मानसिक समस्याएं भी हो गई हैं। इसी के चलते एक पखवाड़े में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चों की अकाल मौत से परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है।
बच्चों की मौत का मामला गरमाया
जयपुर के नजदीक जामडोली स्थित विमंदित बच्चों के गृह में पिछले 10 दिनों में कथित दूषित भोजन और पानी से 12 बच्चों की मौत हो जाने का मामला गर्मा गया है। यह मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट मौके पर पहुंचे। अस्पताल में नौ बच्चे अब तक भर्ती हैं, जिनमें से तीन बच्चे आईसीयू में हैं।
जानकारी के मुताबिक यहां 10 दिनों में 12 विमंदित बच्चों की मौत हुई है। बच्चों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्हें बच्चों की बीमारी के बारे में नहीं बताया गया। बस बच्चों के मरने की सूचना दी। जलदाय विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची गई। टीम बच्चों को दिए जाने वाले पानी व भोजन के सैंपलों लेकर जांच के लिए भिजवा दिए हैं।
पिछले 10 दिनों से जारी बच्चों की मौत के इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। सचिन पायलट ने सरकार पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप जड़ा है। इधर, चतुर्वेदी ने आरोपों को लेकर बचाव किया। मामले के तहत 16 अप्रेल से बच्चे उल्टी-दस्त से बीमार होना शुरू हो गए थे। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जेकेलोन अस्पताल में भर्ती कराया गया।