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इतना डर कि इन गांवों में नहीं हो रही शादी

Wed, 14 Aug 2013 03:18 PM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 14 Aug 2013 03:18 PM IST
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nobody is marrying in this village
राजस्थान में जयपुर के कचरे का डम्पिंग जोन बने राजधानी के सुमेल रोड स्थित गावों में रिश्तों का तानाबाना भी बिगड़ गया है।
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कचरे की सड़ाध और बीमारी के खतरे के कारण लोग कचरा प्लांट के आसपास के गावों में अपनी बेटियों की शादी नहीं कर रहे हैं।

नीमो वाली ढाणी में करीब डेढ़ साल से कोई शादी नहीं हुई है। इसे लेकर बुजुर्ग भी चिंतित हैं। ढाणी की बुजुर्ग महिला पांचो देवी का कहना है कि, यहां कोई नहीं आता, और आता भी है तो कोई रिश्ते की बात नहीं करता।

गंदगी से जीना मुहाल
गांव की महिला सुमन मीणा बताती है कि कोई रिश्तेदार आ जाए तो चाए पहुंचने से पहले ही उसमें मक्खियां पहुंच जाती हैं।

गंदगी से इतना बुरा हाल है कि जीना मुश्किल है।

गंदगी से इतने जहरीले मच्छर पैदा हो रहे हैं कि लोग सो ही नहीं सकते।

गांव में न सड़क है। न कोई सुविधा। है तो बस, गंदगी, बीमारियां, मच्छर और कचरे की बदबू। इस नर्क में कौन अपनी बेटी को भेजेगा।    

स्कूल जाना बेहाल
सिर्फ रहना ही नहीं यहां स्कूल के भी बुरे हाल हैं। पहले यहां जो शिक्षक थे उन्होंने अपने ट्रांसफर की कोशिश की थी। लेकिन यहां के हाल इतने बुरे हैं कि अब वे स्कूल बंद कराने की सिफारिश कर रहे हैं।
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पहले यहां स्कूल में कम से कम 150 बच्चे थे। पढ़ाई होती थी मिड डे मील मिलता था लेकिन अब स्कूल में केवल 42 बच्चे हैं और रोज पहुंचने वाले बच्चों की संख्या बस 2 या 3 ही है।
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किसी को नहीं है सुध

ऐसे में भी प्रशासन को कोई सुध नहीं है कि शहरो का कचरा इस तरह गावों के आसपास फेंक कर लोगों के लिए कितनी मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं। यहा कई रहवासी अपना नया ठिकाना खोजने में लगे हुए हैं।
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