नीरजा मोदी स्कूल केस: अमायरा मौत मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को, परिवार ने की नई कानूनी मांगें
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय अमायरा की मौत मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। पीड़ित परिवार ने शिक्षिका, प्रिंसिपल और स्कूल मालिक पर बीएनएस व जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। संयुक्त अभिभावक संघ ने भी निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
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जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल प्रकरण में नया घटनाक्रम सामने आया है। 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की स्कूल परिसर में हुई मौत से जुड़े आपराधिक मामले की अगली सुनवाई अब 15 जुलाई को होगी। अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की अगली तारीख तय की है। इस मामले पर अभिभावकों और विभिन्न संगठनों की नजर बनी हुई है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर 2025 को जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा 9 वर्षीय अमायरा की स्कूल परिसर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही परिजन स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। साथ ही निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने अदालत से मांग की है कि कक्षा शिक्षिका पुनीता शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण (Abetment to Suicide) से संबंधित धारा जोड़ी जाए। इसके अलावा स्कूल की प्रिंसिपल इंदु दुबे और स्कूल के मालिक सौरभ मोदी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत भी कार्रवाई की जाए। परिवार का कहना है कि मामले में जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
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इस बीच संयुक्त अभिभावक संघ ने भी मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें 15 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में परिवार की ओर से उठाई गई मांगों और जांच से जुड़े अन्य बिंदुओं पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होने की संभावना है।