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भरतपुर मूर्ति विवाद: विश्वेंद्र सिंह और बेटा अनिरुद्ध आमने-सामने, मंत्री बोले- आज सूरजमल जी होते तो यही करते
Thu, 13 Apr 2023 09:34 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Thu, 13 Apr 2023 09:34 AM IST
सार
भरतपुर के नदबई में बैलारा मोड़ पर महाराजा सूरजमल जाट की जगह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने के निर्णय से उपजे तनाव के बीच मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह आमने-सामने हो गए हैं।
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कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनका बेटा अनिरुद्ध सिंह
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
महाराजा सूरजमल जाट की मूर्ति बैराना मोड़ पर नहीं लगाने के पिता विश्वेन्द्र सिंह के फैसले के बाद उन्हीं के बेटे अनिरुद्ध सिंह विरोध में उतर आए हैं। अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट कर लिखा है "आज जिस तरह से महाराजा सूरजमल जी और जाट सरदारी का अपमान हुआ है, वह शर्मनाक है। मैं किसी पार्टी या राजनीति में नहीं हूं। मैं सदैव अपने समाज के साथ था, हूं और रहूंगा। दोपहर एक बजे नदबई आप सभी के पास पहुंच रहा हूं। जय महाराजा सूरजमल जी।"
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महाराजा सूरजमल होते तो अपने पूर्वज के बजाय कमजोर वर्ग के महापुरुष को प्राथमिकता देते-विश्वेन्द्र सिंह
दूसरी ओर तनाव के हालातों के बीच मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सार्वजनिक अपील जारी की है, जिसमें जाट समाज से बड़ा दिल रखने को कहा गया है। मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने अपने लेटरहेड पर जारी अपील में लिखा है कि "मैं बैलारा और आसपास के सभी गांवों की सरदारी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने महाराजा सूरजमल जी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उनकी मूर्ति यहां लगाने की मांग प्रस्तुत की। आज मैं एक प्रश्न अपने आप से और आप सभी से पूछना चाहता हूं कि आज अगर महाराजा सूरजमल जी जीवित होते, यह निर्णय उन्हें लेना होता कि इस स्थान पर महाराजा के पूर्वज की मूर्ति लगे या एक कमजोर वर्ग से आने वाले महापुरुष की, तो निश्चित रूप से महाराजा सूरजमल जी अपने पूर्वज के बजाय कमजोर वर्ग के महापुरुष को प्राथमिकता देते।"
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विश्वेंद्र सिंह की अपील-जाट समाज बड़ा दिल रखे
विश्वेन्द्र सिंह ने आगे लिखा- "मैं सभी जाट सरदारी से आह्वान करता हूं कि वह बड़ा दिल रखें। जो भी आपको और आपके समाज को जातीय भेदभाव के लिए आरोपित करना चाहते हैं, उनके प्लान फेल कर दीजिए। जाट स्वाभिमानी हैं, लेकिन बलिदान उनका परम धर्म है। आपकी जनभावनाओं को देखते हुए मैं घोषणा करता हूं कि महाराजा सूरजमल जी की मूर्ति नेशनल हाईवे पर स्थित डहरा मोड़ पर लगवाऊंगा। सूरज पूर्व में हो या पश्चिम में, वह सूरज ही रहता है। उसका तेज, उसका उजाला, उसकी ऊर्जा, उसका प्रताप कोई स्थान या दिशा पर निर्भर नहीं करता। महाराजा सूरजमल जी की मूर्ति जिस स्थान पर लगेगी, उस स्थान का ही गौरव बढ़ेगा।"
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आज कैबिनेट मंत्री नहीं, महाराजा सूरजमल के वंशज के रूप में निर्णय ले रहा हूं
मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने आगे लिखा कि विधायक जोगिंदर सिंह अवाना ने आग्रह किया है कि आप महाराज हैं, आप ही रास्ता निकालिए। मैं आज कैबिनेट मंत्री नहीं, महाराजा सूरजमल के वंशज के रूप में उनकी विरासत की रक्षा के लिए निर्णय ले रहा हूं। मेरे रहते मैं जाट और अन्य किसी वर्ग में किसी प्रकार का द्वेष या गतिरोध नहीं होने दूंगा। यही मेरा धर्म है। महाराजा सूरजमल जी की विरासत के साथ-साथ ये मेरी जिम्मेदारी है कि उनकी रक्षा करूं, जिनके लिए कोई ताकतवर नेता आवाज नहीं उठाता।