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Rajasthan: क्या पद पर बने रहेंगे अजय माकन?, कांग्रेस आलाकमान ने ये कहा, पार्टी अध्यक्ष खरगे को लिखा था पत्र
Thu, 17 Nov 2022 07:54 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 17 Nov 2022 07:54 PM IST
सार
अजय माकन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजी चिट्ठी में लिखा था कि वे दिल्ली में पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं। इस कारण से उन्हें राजस्थान के प्रभार से मुक्ति किया जाए। माकन के इस पत्र पर कांग्रेस आलाकमान ने कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्हें पद पर बने रहने के लिए मनाया जा रहा है।
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अजय माकन (फाइल)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कांग्रेस नेता अजय माकन ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर राजस्थान के प्रभार से मुक्त करने की इच्छा जताई थी। इसे लेकर उन्होंने आठ नवंबर को एक पत्र लिखा था। जिसके सामने आने के बाद कांग्रेस में एक सियासी चर्चा छिड़ गई। माकन की इस पेशकश को सचिन पायलट और अशोक गहलोत गुट की बगावत से जोड़कर देखा गया। हालांकि, अब पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा गया है।
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अजय माकन ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजी चिट्ठी में लिखा था कि वे दिल्ली में पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं। इस वजह से राजस्थान के प्रभार से मुक्ति चाहते हैं। उन्होंने 25 सितंबर को राजस्थान के हुए घटनाक्रम को भी चिट्ठी में आधार बनाया था। हालांकि, माकन के इस पत्र पर कांग्रेस आलाकमान ने कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्हें पद पर बने रहने के लिए मनाया जा रहा है। अब तक यह साफ नहीं है कि माकन इस पद पर रहेंगे या नहीं।
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क्या हुआ था 25 सितंबर को
कांग्रेस आलाकमान ने अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाकर विधायक दल की बैठक में भेजा था। विधायकों ने बैठक से दूरी बनाई और आलाकमान के निर्देशों की अवहेलना की। तीन वरिष्ठ विधायकों के घर पर उन्होंने बैठक कर गहलोत पर भरोसा जताया था। उनका आरोप था कि अजय माकन सचिन पायलट के पक्ष में एक लाइन के प्रस्ताव पर मुहर लगवाना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। बैठक के बाद माकन ने तीन नेताओं के खिलाफ अनुशासनहीनता की रिपोर्ट हाईकमान को दी थी। तीनों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया था। तीनों नेता अपने जवबा भी दे चुके हैं। इसके बाद भी कांग्रेस आलाकमान ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
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गहलोत को माकन ने दी थी क्लीन चिट
अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट में अशोक गहलोत को क्लीन चिट दी थी और उनके समर्थक तीनों नेताओं को सियासी हंगामे की वजह बताया था। अब कहा जा रहा है कि तीनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इसकी वजह से वह पद छोड़ रहे हैं। यह एक तरह से प्रेशर टेक्टिक्स भी है। अब माना जा रहा है कि जिन लोगों पर माकन ने सवाल उठाए, उन्हें ही भारत जोड़ो यात्रा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे माकन नाराज हैं और राजस्थान का प्रभार छोड़ना चाहते हैं।