Kekri News: शाही लवाजमे के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे बाबा महाकाल, उज्जैन से आए कलाकार देंगे विशेष प्रस्तुति
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा महाकाल अपने शाही लवाजमे के साथ केकड़ी नगर के भ्रमण पर निकलेंगे। महाकाल की सवारी के कार्यक्रम को भव्य व सफल बनाने के लिए समिति के 1000 से अधिक सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाशिवरात्रि के मौके पर शाही लवाजमे के साथ महाकाल की सवारी के नगर भ्रमण की तैयारियों में तेजी आ गई है। इसके लिए मंदिर समिति के करीब एक हजार सदस्य पूरी श्रद्धा से जुटे हुए हैं। सदस्यों ने सवारी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि महाकाल की शाही सवारी बुधवार को विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रातः सवा नौ बजे बस स्टैंड पर पुरानी तहसील परिसर में स्थित तत्कालेश्वर महादेव मंदिर से रवाना होगी, जो पुलिस थाने के बाहर से होकर तीन बत्ती चौराहा, अजमेरी गेट, घंटाघर, सदर बाजार, खिड़की गेट, लोढा चौक, चारभुजा मंदिर, माणक चौक, सूरजपोल गेट, हरिजन बस्ती, भैरू गेट, बडा गुवाडा, सरसडी गेट, बस स्टैंड, अजमेर रोड व बीजासण माता मंदिर होते हुए पुनः तत्कालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी, जहां पर बाबा महाकाल की भव्य व विशाल भस्म आरती की जाएगी।
शाही सवारी के दौरान उज्जैन से आए अघोरी कलाकारों द्वारा शिव ताण्डव, शिव विवाह, भस्म आरती, महाभिषेक आदि माध्यमों से शिवजी की कथाओं का जीवन्त प्रदर्शन किया जाएगा एवं उज्जैनी तोपों द्वारा बाबा महाकाल को सलामी दी जाएगी। शाही सवारी के दौरान महाबली हनुमान व महाबली शंकर का रूप धरे कलाकार आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। शाही सवारी में 21 क्विंटल गुलाल व 50 क्विंटल फूलों की बारिश की जाएगी। साथ ही एक दर्जन अलग-अलग देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी सवारी में शामिल होंगी। शाही सवारी के मार्ग पर जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां सजाई जाएंगी, जहां शहर के सभी वर्गों के लोग शाही सवारी का भव्य स्वागत करेंगे।
शाही सवारी की तैयारियों को समिति के सेवक अन्तिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इस बार समिति में एक हजार से अधिक नए सेवक जोडे़ गए हैं। समिति सदस्यो ने बताया कि व्यवस्था में समन्वय व नियंत्रण के लिए शाही सवारी में शामिल होने वाले सभी सेवकों को शुभ्र वस्त्र व पहचान पत्र वितरित किए जा रहे हैं।
तीन मंदिरों पर होगी कलश स्थापना
महाकाल सेवक समिति के सदस्यों ने बताया कि तत्कालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बाबा महाकाल का मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसमें शाही सवारी के समाप्ति के बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर बाबा महाकाल की मनमहेश प्रतिमा को वेदी पर विराजमान किया जाएगा। साथ ही सुबह पौराणिक तत्कालेश्वर महादेव मंदिर, बालाजी मंदिर व बाबा महाकल के मंदिर के शिखर पर कलशों की स्थापना की जाएगी।