फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   jpsc scam nine exams irregularities cid chargesheet ranchi

जेपीएससी धांधली: नौ परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप, प्रश्नपत्र लीक से ओएमआर हेराफेरी तक का खुलासा

Wed, 28 Oct 2026 11:33 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कोटा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Wed, 28 Oct 2026 11:33 AM IST
सार

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित 36 परीक्षाओं में से नौ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पदों की खरीद-बिक्री किए जाने का आरोप सामने आया है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।

विज्ञापन
jpsc scam nine exams irregularities cid chargesheet ranchi
JPSC-JSSC में अटकी नई भर्तियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित 36 परीक्षाओं में से नौ में बड़े पैमाने पर धांधली और पदों की खरीद-बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच के अनुसार, आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और परीक्षाएं संचालित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े सिंडिकेट ने कथित तौर पर पूरी व्यवस्था को अपने नियंत्रण में ले लिया था। आरोप है कि इस गिरोह ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में नियमों को ताक पर रखकर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया, सीटें बेचीं और करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन किया।

विज्ञापन

प्रश्नपत्र लीक से ओएमआर शीट में हेराफेरी तक के आरोप

जांच अधिकारियों के अनुसार, सिंडिकेट ने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र लीक करने से लेकर ओएमआर शीट में हेराफेरी करने तक के तरीके अपनाए। आरोप है कि ओएमआर शीट को सुरक्षित कमरे में बिना सील के रखा गया और बाद में खाली छोड़े गए गोलों को भरा गया। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों के बाहर गुप्त ठिकानों पर उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाए जाने के साक्ष्य भी जांचकर्ताओं को मिले हैं।

विज्ञापन


जांच में यह भी सामने आया कि 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार के दौरान अंकों में कथित तौर पर हेराफेरी की गई। अधिकारियों ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष के आवास से 15 अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति की अनुशंसा से जुड़े दस्तावेज बरामद किए। वहीं, 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में 103 पदों के मुकाबले 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किए जाने और अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षा में भी गड़बड़ी का आरोप

जांच के मुताबिक, वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षा के 170 पदों के लिए मुख्य साजिशकर्ता अभय तिवारी, टीडीपीएल के लेखाकार रक्षक सिंह और कोचिंग संचालक संजीत कुमार के करीबियों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से सफल कराया गया। आरोप है कि इस परीक्षा की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं गुप्त ठिकानों पर लिखवाई गईं। जांच अधिकारियों ने इस प्रक्रिया से जुड़ी वीडियो रिकॉर्डिंग भी जब्त की है। सहायक वन संरक्षक परीक्षा के 78 पदों पर भी मुख्य आरोपियों के रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों ने फॉरेंसिक जांच के दौरान एक आरोपी के घर से मिले मॉडल उत्तरों का मिलान परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं से किया।

बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परीक्षा में भी सवाल

जांचकर्ताओं के अनुसार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परीक्षा के 64 पदों के लिए डेटा प्रोसेसिंग आईटीआई की आड़ में कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए मुख्य आरोपी की पत्नी समेत कई अभ्यर्थियों का चयन कराया गया।

झारखंड पात्रता परीक्षा के लिए एजेंसी के चयन पर भी सवाल

झारखंड पात्रता परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी आयोग ने 'बिंसिस' नाम की एजेंसी को सौंपी थी। इससे पहले कर्मचारी चयन आयोग की प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के दौरान पुलिस इस एजेंसी के निदेशक अरुण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इसके बावजूद एजेंसी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठे हैं।

सहायक लोक अभियोजक और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा में भी कथित फर्जीवाड़ा

आरोपपत्र के अनुसार, सहायक लोक अभियोजक प्रारंभिक परीक्षा में दूसरे राज्यों के फर्जी कंप्यूटर प्रमाणपत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों को सफल कराने का आरोप है। वहीं, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी परीक्षा का परिणाम भी कथित तौर पर मनमाने तरीके से तैयार किया गया। जांच में बताया गया है कि मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने स्वयं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की लिखित परीक्षा पास की थी और साक्षात्कार में शामिल हुआ था। CID की जांच और अदालत में दाखिल आरोपपत्र के बाद इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सिंडिकेट की भूमिका को लेकर मामला गंभीर हो गया है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed