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Rajasthan: जोधपुर में 140 पाक विस्थापितों को मिली भारतीय नागरिकता, लोग बोले- 'अब कलंक हटा'
Thu, 24 Nov 2022 12:10 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 24 Nov 2022 12:10 PM IST
सार
भारत की नागरिकता पाने की उम्मीद पाले हिंदू पाक विस्थापितों का इंतजार खत्म हो गया। जोधपुर जिला प्रशासन ने सूचना केंद्र में कैंप लगाकर पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आये 140 से लोगों को नागरिकता प्रदान की। नागरिकता मिलने पर पाक विस्थापितों के चेहरे खिल उठे।
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140 लोगों की मिली भारतीय नागरिकता
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जोधपुर जिले में लंबे समय से भारतीय नागरिकता का इंतजार कर रहे कुछ पाक विस्थापितों को भारत का नागरिक होने के प्रमाण पत्र दिए गए। जोधपुर जिला प्रशासन ने प्रदेश के गृह विभाग के निर्देश पर तैयार सूची के आधार पर कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने 140 लोगों को बुधवार को प्रमाण पत्र वितरित किए। इनमें कई लोग ऐसे थे, जिन्हें करीब दो दशक के इंतजार के बाद नागरिकता मिली है।
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साल 2007 में पाकिस्तान के रहमियार खान से आए संजय का कहना है, आज नागरिकता मिलने से हम मुख्यधारा में आ गए हैं। अभी मैं बीए कर रहा हूं, अब मेरे जाति प्रमाणपत्र मूल निवास बन जाएंगे तो योजनाओं का भी लाभ मिल सकेगा। इसी तरह से खुद चार साल की उम्र में पाकिस्तान से आए युवक ने बताया, 22 साल के इंतजार के बाद उसे नागरिकता मिली है। पाकिस्तानी होने का कलंक अब हट गया। पाक विस्थापितों के लिए अरसे से काम करने वाले समाजसेवी हिंदू सिंह सोढ़ा का कहना है, यह नागरिकता आवेदन के आधार पर मिली है। लेकिन अब जरूरत है कि कैंप लगाकर लोगों को नागरिकता दी जाए। अगर इसमें किसी तरह की परेशानी है तो उसे स्थापित किया जाए।
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भागचद भील ने बताया, बड़ी संख्या में आईबी के पास आवेदनों से जुड़े मामले लंबित हैं। अगर आईबी स्थानीय लोगों को शामिल कर उनकी जांच करें तो और ज्यादा लोगों को नागरिकता दी जा सकती है। एडीएम भास्कर विश्नोई ने बताया, नागरिकता के आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं। गृह मंत्रालय और गृह विभाग के नियमानुसार नागरिकता जारी की जाती है। इस कड़ी में बुधवार को 140 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए गए हैं। जोधपुर के आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पाक विस्थापितों को अभी तक नागरिकता का इंतजार है। एक अनुमान के मुताबिक, इनकी संख्या करीब 20 हजार से ज्यादा है।
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