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15 दिन के आन्दोलन के बाद इस शहीद को मिला आखिर सम्मान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 05:28 PM IST
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शहीद स्मारक जिसके लिए रास्ता खोला गया है।
- फोटो : amar ujala
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जैसलमेर जिले के पोकरण में एक गांव में 15 दिन से एक बड़ा विवाद चल रहा था। इसका निपटारा शनिवार को हो गया लेकिन, शहीदों के प्रति प्रशासन की संवेदनाओं की पोल इस मामले ने खोल कर रख दी।
पोकरण उपखंड के भैसड़ा गांव के शहीद अगरसिंह का स्मारक करीब 35 साल पहले बनाया गया था। हाल में स्थानीय प्रशासन ने पास ही जीएसएस के लिए 187 बीघा जमीन राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम को आवंटित कर दी। निगम ने यहां चारदीवारी बनाई तो शहीद स्मारक तक आने—जाने का रास्ता बंद हो गया। इससे गांव में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अधिकारियों ने बातचीत की लेकिन, कोई हल नहीं निकला।
अखिर ग्रामीण जीएएस के बाहर धरने पर बैठ गए। 15 दिन चले इस आन्दोलन के बाद आखिर शनिवार को यहां रास्ता देने पर समझौता हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आन्दोलन समाप्त् कर दिया है।
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पोकरण उपखंड के भैसड़ा गांव के शहीद अगरसिंह का स्मारक करीब 35 साल पहले बनाया गया था। हाल में स्थानीय प्रशासन ने पास ही जीएसएस के लिए 187 बीघा जमीन राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम को आवंटित कर दी। निगम ने यहां चारदीवारी बनाई तो शहीद स्मारक तक आने—जाने का रास्ता बंद हो गया। इससे गांव में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अधिकारियों ने बातचीत की लेकिन, कोई हल नहीं निकला।
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अखिर ग्रामीण जीएएस के बाहर धरने पर बैठ गए। 15 दिन चले इस आन्दोलन के बाद आखिर शनिवार को यहां रास्ता देने पर समझौता हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आन्दोलन समाप्त् कर दिया है।
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