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मास्टरजी की जिम्मेदारी बढ़ी, स्कूल बसों की फिटनेस भी जांचेंगे
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 12 Mar 2017 05:00 PM IST
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file photo
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में अब पुलिस और परिवहन विभाग के साथ—साथ सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य भी स्कूल बसों पर नजर रखेंगे। प्रदेश के नहर क्षेत्रों में आने वाले करीब आधा दर्जन स्कूलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को इस सम्बंध में निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों के शिक्षा अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली निजी और सरकारी स्कूलों में चलने वाली बसों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे। ये देखेंगे कि सभी स्कूलों में चलने वाली बसें परिवहन विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार चल रही हैं या नहीं। अमूमन यह देखा जाता है कि अधिकांश स्कूलों में वाहन चालक बस और वैन चलाने में लापरवाही बरतते हैं जिसका खमियाजा बच्चों को सड़क हादसों का शिकार बनकर उठाना पड़ता है। ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने यह योजना बनाई है।
इसके तहत वाहन चालकों की ड्रेस से लेकर फिटनेस, स्पीड मीटर, परमिट, प्रदूषण क्षमता, वाहन की हालत, चालक—परिचालक के लाइसेंस, स्कूल बस का कलर, उसकी खिड़कियां सही है या नहीं, आपातकालीन दरवाजों सहित वाहन की पूरी तरह जांच की जाएगी। स्कूलों के मुखिया बस में बैठने की क्षमता और कितने बच्चे इनमें बिठाकर ले जाए जा रहे हैं इस पर भी खास नजर रखेंगे। हनुमानगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी मोहनलाल स्वामी ने बताया कि उनके क्षेत्र में सभी सरकारी स्कूलों के मुखिया को बस संचालकों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
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इन जिलों के शिक्षा अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली निजी और सरकारी स्कूलों में चलने वाली बसों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे। ये देखेंगे कि सभी स्कूलों में चलने वाली बसें परिवहन विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार चल रही हैं या नहीं। अमूमन यह देखा जाता है कि अधिकांश स्कूलों में वाहन चालक बस और वैन चलाने में लापरवाही बरतते हैं जिसका खमियाजा बच्चों को सड़क हादसों का शिकार बनकर उठाना पड़ता है। ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग ने यह योजना बनाई है।
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इसके तहत वाहन चालकों की ड्रेस से लेकर फिटनेस, स्पीड मीटर, परमिट, प्रदूषण क्षमता, वाहन की हालत, चालक—परिचालक के लाइसेंस, स्कूल बस का कलर, उसकी खिड़कियां सही है या नहीं, आपातकालीन दरवाजों सहित वाहन की पूरी तरह जांच की जाएगी। स्कूलों के मुखिया बस में बैठने की क्षमता और कितने बच्चे इनमें बिठाकर ले जाए जा रहे हैं इस पर भी खास नजर रखेंगे। हनुमानगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी मोहनलाल स्वामी ने बताया कि उनके क्षेत्र में सभी सरकारी स्कूलों के मुखिया को बस संचालकों पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
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