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जमीनी विवाद के चलते जलाया गया था युवती को
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:22 PM IST
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suicide
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जोधपुर के पीपाड़ तहसील में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां के हरियाढाणा गांव में जमीनी विवाद के चलते एक युवती को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। लेकिन इस मामले में सूत्रों का यह भी कहना है कि युवती एक पेड़ को काटे जाने से बचाना चाहती थी ऐसे में पेड़ काटने आए लोगों ने उसे जिंदा जला दिया।
पीपाड़ तहसील के बोरूंदा थाना इलाके में हरियाढाणा गांव में शनिवार शाम ललिता नामक युवती को कुछ लोगों ने जमीनी विवाद के चलते पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। यहां तक कि जब युवती तमाशबीनो से बचाने की गुहार लगाते हुए इधर-उधर दौड़ने लगी तो किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। इसी दौरान अधमरी होकर युवती जमीन पर गिर पड़ी।
जैसे ही पूरी घटना की जानकारी मृतका की बहन को लगी तो वह उसे उठाने के लिए दौड़ी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को जोधपुर के एमजीएच अस्पताल में रखवाया जिसके बाद सोमवार सुबह युवती का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ही गांव में 5 पुलिस थानों का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है।
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वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के भाई का आरोप है कि पटवारी ओमप्रकाश, सरपंच रणवीरसिंह, श्रवणसिंह, हिम्मतसिंह, मदनसिंह, सुरेश, बाबू और भैरूबख्श ने बहन ललिता पर पेट्रोल या कुछ अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर जला दिया। उधर, घटना के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रशासन को 24 घंटे में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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पीपाड़ तहसील के बोरूंदा थाना इलाके में हरियाढाणा गांव में शनिवार शाम ललिता नामक युवती को कुछ लोगों ने जमीनी विवाद के चलते पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। यहां तक कि जब युवती तमाशबीनो से बचाने की गुहार लगाते हुए इधर-उधर दौड़ने लगी तो किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। इसी दौरान अधमरी होकर युवती जमीन पर गिर पड़ी।
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जैसे ही पूरी घटना की जानकारी मृतका की बहन को लगी तो वह उसे उठाने के लिए दौड़ी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को जोधपुर के एमजीएच अस्पताल में रखवाया जिसके बाद सोमवार सुबह युवती का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ही गांव में 5 पुलिस थानों का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है।
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वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के भाई का आरोप है कि पटवारी ओमप्रकाश, सरपंच रणवीरसिंह, श्रवणसिंह, हिम्मतसिंह, मदनसिंह, सुरेश, बाबू और भैरूबख्श ने बहन ललिता पर पेट्रोल या कुछ अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर जला दिया। उधर, घटना के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने प्रशासन को 24 घंटे में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।