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Rajasthan: खसरा-रूबेला टीकाकरण में पिछड़ा झुंझुनूं, प्रदेश में जिले का स्थान 47वां, 34 हजार का लक्ष्य था
Fri, 16 Feb 2024 05:11 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 16 Feb 2024 05:11 PM IST
सार
खसरा और रूबेला टीकाकरण में झुंझुनूं जिला पिछड़ गया है। 34 हजार का लक्ष्य था, लेकिन पूरा नहीं कर पाया। झुंझुनूं जिला प्रदेश में 47वें पायदान पर रहा।
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टीकाकरण में पिछड़ा झुंझुनूं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खसरा और रूबेला टीकाकरण में झुंझुनूं पिछड़ गया है। इस मामले में झुंझुनूं जिला प्रदेश में 47वें पायदान पर रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से झुंझुनूं जिले में गत वर्ष 34 हजार 762 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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इसमें से 28 हजार 968 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में साल 2023 में अप्रैल से मार्च 2024 तक 16 लाख 14 हजार 713 बच्चों को खसरा और रूबेला का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, खसरा और रूबेला की बीमारी खास तौर से बच्चों में पाई जाती है। संक्रामक होने से एक बच्चे से दूसरे बच्चे में आसानी से फैलती है। इसमें सांस की नली, नाक और फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं।
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इसके साथ ही शरीर पर लाल रंग के चकते और आंखों में पानी आने लगता है। इसके बचाव के लिए टीकाकरण लगाया जाता है। पहला टीका बच्चों के जन्म के नौ महीने की आयु में लगता है। जबकि दूसरा टीका 16 महीने पर बच्चों को लगाया जाता है।
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सीएमएचओ राजकुमार दांगी ने बताया कि खसरा और रूबेला टीकाकरण के लिए अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके लिए निर्धारित लक्ष्य में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही है। वहीं, कुछ परिवार ऐसे हैं जो अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं करवाते हैं। ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण के फायदे बता कर, उन परिवारों के बच्चों का भी टीकाकरण करवाया जा रहा है।