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Jhunjhunu News: राजे के रानी सती मंदिर जाते ही शुरू हुई राजनीतिक भविष्य पर चर्चा, 21 साल बाद की पूजा

Tue, 17 Sep 2024 08:21 PM IST
झुंझुनू ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू Published by: झुंझुनू ब्यूरो Updated Tue, 17 Sep 2024 08:21 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झुंझुनू स्थित राणी सती मंदिर में बिना किसी प्रोग्राम के अचानक पूजा अर्चना की, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। 21 साल पहले भी राजे ने इसी मंदिर में पूजा की थी, जिसके बाद वे दो बार मुख्यमंत्री बनीं। अब, राजे के फिर से यहां जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह उनका राजनीतिक भविष्य बदलने का संकेत है।

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Jhunjhunu News: Vasundhara Raje worships at Rani Sati temple after 21 years
काका के निधन पर झुंझुनू पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झुंझुनू स्थित राणी सती मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने दादी के दरबार में धोक लगाई। राजे का यह दौरा बिना किसी प्रोग्राम के था, जिससे सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

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बता दें कि 21 साल पहले राजे ने बतौर सीएम यहां पूजा की थी। इसके बाद वह दो बार मुख्यमंत्री बनीं। 2003 के बाद अब उनके यहां जाने से सियासी हलचल तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे झुंझुनू से वापस जयपुर की ओर लौटते वक्त विख्यात राणी सती मंदिर में दादी की पूजा अर्चना करने पहुंच गईं। उन्होंने दादी के दरबार में धोक लगाई। इस दौरान उन्होंने मंदिर मंडप में तैनात पुजरियों के सानिध्य में विधि पूर्वक पूजन किया। अचानक बिना किसी प्रोग्राम के इस प्रकार मंदिर पहुंंच कर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का काफी देर तक पूजन करना लोगों में खासकर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
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राजे ने राणी सती मंदिर में की पूजा अर्चना
दरअसल पूर्व सीएम वसुंधरा राजे जिले में 91 वर्षीय सुंदरलाल के निधन पर शोक जताने उनके गांव कलवा आई थीं। वहां से लौटते समय पूर्व सीएम ने अपने काफिले का रुख झुंझुनू मुख्यालय स्थित राणी सती की तरफ करवा लिया। करीब आधा घंटे से ज्यादा वसुंधरा राजे मंदिर में रहीं। इस दौरान विधि विधान से पूजा अर्चना कर फेरी भी लगाई। पुजारियों से आशीर्वाद लिया। प्रसाद लगवाया।
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2003 के बाद अब मंदिर पहुंचीं राजे
इधर, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का अचानक राणी सती मंदिर पहुंच कर दर्शन और पूजन करना आमजन खासकर सियासी हलकों में कौतूहल पैदा कर गया। भाजपा नेता महेश बसावतिया ने बताया कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे 21 साल पहले 2003 में सत्ता परिवर्तन यात्रा के आह्वान को लेकर निकाली जा रही परिवर्तन यात्रा के दौरान राणी सती मंदिर में पूजा अर्चना करने आई थीं। दो दशक पहले भी मंदिर में उनके साथ रहे बसावतिया ने बताया कि इस आत्मीयता से पूजा अर्चना कर दादी के दरबार में धोक लगाई थी। इसके बाद वे मुख्यमंत्री बन गई। इसके बाद सोमवार शाम को उन्होंने चलाकर दादी के दरबार के दर्शन करने की इच्छा जताई।


दो बार सीएम बनीं वसुंधरा, अब आगे क्या
इधर, सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की है कि 21 साल पहले जब वे मुख्यमंत्री नहीं थीं। तब मंदिर में दर्शन करके गईं थीं। उसके बाद वे दो बार सीएम बनीं। यह अलग बात है कि दो बार सीएम पद पर रहते हुए वसुंधरा राजे का झुंझुनू के राणी सती मंदिर में दादी के दर्शन का अवसर नहीं बन पाया। वसुंधरा राजे अब फिर सीएम पद पर नहीं है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि अब 21 साल बाद फिर एक बार बिना सीएम पद रहते राणी सती मंदिर पहुंच पूजना अर्चना कर दादी के दरबार में धोक लगाने से राजे के जीवन में बदलाव आता है या नहीं। वैसे भी सियासी पंडितों की निगाहें लोगों की वसुंधरा के राजैनितक उतार चढ़ाव पर हर समय लगी रहती हैं।

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