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Jhunjhunu: 45 हजार पेंशनरों की पेंशन बंद होने की कगार पर, नहीं करवाया गया सत्यापन, डिजिटल सर्टिफिकेट आफत बना
Sat, 02 Mar 2024 04:23 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 02 Mar 2024 04:23 PM IST
सार
झुंझुनूं जिले में वार्षिक सत्यापन नहीं होने से 45 हजार 57 पेंशनरों की पेंशन रुक गई है। विधवा महिलाओं के सामने बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है। 40 प्रतिशत से कम डिसेबिलिटी प्रमाण अमान्य माना जा रहा है।
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अधिकारिता विभाग, झुंझुनूं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते 31 दिसंबर तक सभी लाभार्थियों को सत्यापन करवाना अनिवार्य था। लेकिन हजारों की संख्या में लाभार्थी सत्यापन से वंचित रह गए। इनमें बड़ी संख्या में वह लोग हैं, जिनके फिंगर और आइरिस दोनों ही नहीं आ रहे हैं। वह लोग कार्यालय के चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं, कभी अधिकारी नहीं मिलते तो कभी कर्मचारी।
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झुंझुनूं उपखंड अधिकारी का तबादला होने से पिछले एक सप्ताह से तो कार्यालय में सत्यापन का काम बिल्कुल रुक गया है। लाभार्थी रोज कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, यह वह लाभार्थी हैं, जिनके फिंगर और आइरिस दोनों ही नहीं आ रही है। ऐसे में उपखंड कार्यालय में जाकर ओटीपी से वेरीफाई करवा सकते हैं। लेकिन पिछले एक सप्ताह से उपखंड अधिकारी नहीं होने से सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
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उप निदेशक डॉ. पवन पूनिया ने बताया, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत जिले में कुल 2 लाख 78 हजार 853 लाभार्थी विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत पंजीकृत हैं। इनमें से 45 हजार 057 लाभार्थियों ने अभी तक सत्यापन नहीं करवाया है, जिनमें से ग्रामीण क्षेत्र में 35 हजार 664 एवं शहरी क्षेत्र में 9 हजार 393 पेंशनर्स का वार्षिक भौतिक सत्यापन किया जाना है। अगर सत्यापन नहीं करवाया गया तो पेंशन रोक दी जाएगी।
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विकलांगों के लिए डिजिटल सर्टिफिकेट बने आफत
जिनका सत्यापन नहीं हुआ है, उनमें बड़ी संख्या में विकलांग शामिल हैं। इनको लेकर बड़ी परेशानी आ रही है कि जिनके 40 डिसेबिलिटी का प्रमाण पत्र वह ऑनलाइन मान्य नहीं हो रहा है। लेकिन डिजिटल प्रमाण पत्र बनने में काफी समस्या आ रही है। कई तो ऐसे हैं, जिनको दो-तीन महीने से पेंडिंग चल रहे हैं। ऐसे में उनका वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है। जबकि इससे पहले इनका वार्षिक सत्यापन आराम से हो रहा था। लेकिन अब नए नियम आने से परेशानी खड़ी हो गई है।
विधवा महिलाओं का नहीं हो रहा सत्यापन
पेंशन सत्यापन में विधवा महिलाओं के सामने भी बड़ी समस्या खड़ी हो चुकी है। वेरीफिकेशन करवाने पर विधवा नहीं बता पा रहे हैं, जबकि जन आधार कार्ड में महिलाएं पहले से विधवा हैं। ऐसे में विकलांग व विधवा महिला वार्षिक सत्यापन करवाने के लिए रोज चक्कर लगा रही हैं।