{"_id":"66853e7c81c24e8f4607e671","slug":"jhunjhunu-news-10-year-old-child-died-due-to-electric-shock-in-school-premises-2024-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhunjhunu: स्कूल परिसर में करंट लगने से 10 साल के बच्चे की मौत, सात दिन में अब तक चार लोगों के साथ हुआ हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhunjhunu: स्कूल परिसर में करंट लगने से 10 साल के बच्चे की मौत, सात दिन में अब तक चार लोगों के साथ हुआ हादसा
Wed, 03 Jul 2024 05:35 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 03 Jul 2024 05:35 PM IST
सार
राजस्थान के झुंझुनूं में बुधवार को फिर एक बच्चा करंट की भेट चढ़ गया। सरकारी स्कूल में करंट लगने से एक 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। मामला सोनासर स्थित सरकारी स्कूल का है।
विज्ञापन
मृतक बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झुंझुनूं जिले में करंट लगने से होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोनासर गांव के सरकारी स्कूल में करंट लगने से 10 साल के कार्तिक की मौत का मामला सामने आया है। बता दें कि कार्तिक खेतड़ी का रहने वाला था और अपने ननिहाल सोनासर गांव में आया हुआ था।
विज्ञापन
कार्तिक के मामा संजय ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरे बच्चे का एडमिशन सरकारी स्कूल में करवाने के लिए गए थे। कार्तिक भी साथ गया था और मुझे स्कूल के बच्चों के द्वारा जानकारी मिली कि कार्तिक को करंट लग गया है। स्कूल के स्टॉफ द्वारा हमें किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। जब हम स्कूल पहुंचे तो हमें बताया गया कि बच्चे को झुंझुनूं बीडीके अस्पताल में ले जाया गया है। यहां पर आने पर पता चला कि बच्चा की मौत तो पहले ही हो चुकी थी।
विज्ञापन
जानकारी देते हुए कार्तिक के मामा का गला पूरी तरह से भर आया और उन्होंने कहा कि स्कूल के स्टॉफ ने हमें बताया कि बच्चा मोटर के पास पानी पीने के लिए गया था। जहां पर उसको करंट लग गया। लेकिन मोटर के पास में न तो कोई नल है न किसी प्रकार का पानी। साथ ही मोटर को चलाए हुए भी डेढ़ साल होने की जानकारी सामने आ रही है। वहीं, बीडीके अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
एएसआई संत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हमें सूचना मिली थी 10 साल का बच्चा है, उसके करंट लग गया है और उसको बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामा ने रिपोर्ट दी है, जिस पर कार्रवाई चल रही है। वहीं, पुलिस ने बताया कि करंट लगने का क्या कारण है, यह तो जांच का विषय है। ऐसे मामलों में लोगों की बातें सामने आती हैं कि मौत इंसान को कहीं भी खींच कर ले जाती है या फिर हादसों पर ऊपर वाले की मर्जी होती है। यह सभी बातें कहकर अपन लोग जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। सरकारी स्कूल में जो हादसा हुआ है, परिजनों के आरोपो की माने तो सीधे-सीधे यह स्टॉफ की लापरवाही से जुड़ा हुआ मामला है।
स्कूल परिसर में ज्यादातर बच्चे ही रहते हैं। ऐसी स्थिति में यहां पर बिजली की लापरवाही होना छोटी बात नहीं है, जिसकी जांच कर कार्रवाई करने की भी आवश्यकता है। साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनूं शहर में हाल ही में पंचदेव मंदिर पर एक युवक की भी करंट की चपेट में आने से जान चली गई थी। झुंझुनू शहर के एक नंबर रोड पर करंट लगने से एक गधे की भी मौत हो गई थी। दोनों ही मामलों में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने संघर्ष कर लोगों को न्याय दिलाया था। वहीं, आए दिन जिले के अलग-अलग स्थानों से लापरवाही के करंट से लोगों की जान जाने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।