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Jhunjhunu: ‘नगर परिषद आयुक्त तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’, कर्मचारियों ने लगाए नारे, आयुक्त के खिलाफ खोला मोर्चा
Tue, 15 Oct 2024 02:47 PM IST
झुंझुनू ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2024 02:47 PM IST
सार
Jhunjhunu: झुंझुनू नगर परिषद के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करके नगर परिषद आयुक्त अनीता खीचड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर परिषद कर्मचारी उर्मिला ने जानकारी देते हुए बताया कि कल सभापति ने आयुक्त को रिलीव कर दिया था। उस लेटर को मैंने डिस्पैच कर दिया, जिसके चलते उन्होंने हमे सस्पेंड कर दिया है।
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झुंझुनू नगर परिषद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आज झुंझुनू नगर परिषद परिसर के हालात और कर्मचारियों के आरोपों की मानें तो कुछ ऐसी ही तस्वीर मन में उभर कर सामने आई। बता दें कि आज झुंझुनू नगर परिषद के कर्मचारी कार्य बहिष्कार करके नगर परिषद आयुक्त अनीता खीचड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर परिषद कर्मचारी उर्मिला ने जानकारी देते हुए बताया कि कल सभापति ने आयुक्त को रिलीव कर दिया था। उस लेटर को मैंने डिस्पैच कर दिया, जिसके चलते उन्होंने हमे सस्पेंड कर दिया है।
वहीं झुंझुनू नगर परिषद कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुशील सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कल दोपहर को हमारे कर्मचारी उर्मिला को आयुक्त ने सभापति द्वारा रिलीव के लेटर को डिस्पैच करने पर सस्पेंड कर दिया। जिसके चलते आज हम यहां पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनको बहाल किया जाए और जब तक इनको बहाल नहीं किया जाएगा। हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं आज हम झुंझुनू जिला कलेक्टर को भी इस मामले को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस पूरे मामले पर झुंझुनू नगर परिषद सभापति नगमा बानो का कहना था कि कल एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया। उनकी गलती उनकी नजर में इतनी थी कि उन्होंने मेरे ऑर्डर को फॉलो किया। मैंने कल उनको रिलीव कर दिया था, क्योंकि उनके तबादले की लिस्ट आ गई थी। कभी भी आचार संहिता लग सकती है, जिसके चलते नगर परिषद के रुटीन के कामों में व्यवधान पैदा नहीं हो, इसलिए इनके रिलीव करने का आदेश निकल गया था।
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इन्होंने इस बात को बेस बनाया कि आपने सभापति के आर्डर को कैसे फॉलो किया। उनका सस्पेंड करने का आर्डर निकाल दिया। जिस तरीके से कर्मचारियों की आज अंदर की व्यथा निकलकर मीडिया के सामने आई उससे कहीं ना कहीं झुंझुनू में नगर परिषद आयुक्त अनीता खीचड़ का रवैया तानाशाही ही प्रतीत हो रहा।
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वहीं झुंझुनू नगर परिषद कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुशील सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कल दोपहर को हमारे कर्मचारी उर्मिला को आयुक्त ने सभापति द्वारा रिलीव के लेटर को डिस्पैच करने पर सस्पेंड कर दिया। जिसके चलते आज हम यहां पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनको बहाल किया जाए और जब तक इनको बहाल नहीं किया जाएगा। हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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वहीं आज हम झुंझुनू जिला कलेक्टर को भी इस मामले को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस पूरे मामले पर झुंझुनू नगर परिषद सभापति नगमा बानो का कहना था कि कल एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया। उनकी गलती उनकी नजर में इतनी थी कि उन्होंने मेरे ऑर्डर को फॉलो किया। मैंने कल उनको रिलीव कर दिया था, क्योंकि उनके तबादले की लिस्ट आ गई थी। कभी भी आचार संहिता लग सकती है, जिसके चलते नगर परिषद के रुटीन के कामों में व्यवधान पैदा नहीं हो, इसलिए इनके रिलीव करने का आदेश निकल गया था।
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इन्होंने इस बात को बेस बनाया कि आपने सभापति के आर्डर को कैसे फॉलो किया। उनका सस्पेंड करने का आर्डर निकाल दिया। जिस तरीके से कर्मचारियों की आज अंदर की व्यथा निकलकर मीडिया के सामने आई उससे कहीं ना कहीं झुंझुनू में नगर परिषद आयुक्त अनीता खीचड़ का रवैया तानाशाही ही प्रतीत हो रहा।