Jaisalmer News: बीएसएफ की सतर्कता से टली वारदात, सीमा क्षेत्र से बिहार का संदिग्ध युवक पकड़ा गया; जांच जारी
राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार देर शाम बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बिहार के अररिया निवासी मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है, जो सीमा क्षेत्र में बिना अनुमति घूम रहा था।
विस्तार
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले में गुरुवार देर शाम सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर सतर्क कर देने वाली घटना सामने आई। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने मुरार बॉर्डर क्षेत्र में गश्त के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है, जिसकी पहचान बिहार के अररिया जिले के रहने वाले 40 वर्षीय मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम को सीमा के नजदीक एक व्यक्ति की असामान्य गतिविधियां दिखाई दीं। जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह पहले हिचकिचाया और फिर बार-बार इधर-उधर देखने लगा। शक बढ़ने पर जवानों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और मौके पर पूछताछ शुरू की।
प्रारंभिक पूछताछ में उलझे जवाब
मोहम्मद इकबाल से जब पूछताछ की गई तो वह अपने जैसलमेर आने और सीमावर्ती क्षेत्र तक पहुंचने के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। उसने यह भी नहीं बताया कि वह सीमा तक कैसे पहुंचा, न ही उसके पास कोई वैध दस्तावेज या पहचान पत्र मिला। उसके जवाबों में विरोधाभास और अस्पष्टता के चलते बीएसएफ ने मामले को गंभीरता से लिया।
सूत्रों के अनुसार, इकबाल के पास से कोई अवैध वस्तु या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन उसकी गतिविधियों को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं। पकड़े जाने के बाद वह व्यक्ति बार-बार बड़बड़ाने लगा और मानसिक रूप से अस्थिर व्यवहार करने लगा। इससे जांच टीम ने संभावना जताई है कि वह या तो मानसिक रूप से असंतुलित है या फिर सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस के सुपुर्द कराई गई हिरासत
पूछताछ के बाद बीएसएफ ने संदिग्ध को शाहगढ़ थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अब इकबाल से विस्तृत पूछताछ कर रही है और उसके जैसलमेर आने के पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में सरहदी इलाकों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। पाकिस्तान सीमा से लगते इलाकों में ड्रोन गतिविधियों, हथियारों की तस्करी और जासूसी के प्रयासों के चलते चौकसी और निगरानी बढ़ा दी गई है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति का बिना अनुमति सीमावर्ती इलाके तक पहुंच जाना सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर माना जा रहा है।
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बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि सीमा क्षेत्र में हर व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाल के दिनों में जैसलमेर, शाहगढ़ और लोंगेवाला सेक्टर में गश्त को और सघन किया गया है। सीमावर्ती गांवों में भी स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को अलर्ट कर दिया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन अनदेखा न रह सके।
खुफिया एजेंसियां जुटीं गहराई से जांच में
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मोहम्मद इकबाल आखिर बिहार से सैकड़ों किलोमीटर दूर जैसलमेर की सीमा तक कैसे पहुंचा? क्या वह किसी के इशारे पर यहां आया या फिर अनजाने में सीमा के नजदीक पहुंच गया? उसके मोबाइल, यात्रा रिकॉर्ड और संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है।