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Rajasthan Vision 2030: गजेंद्र शेखावत बोले- चुनाव के समय गहलोत सरकार को विजन डॉक्यूमेंट की याद क्यों आई?
Fri, 06 Oct 2023 09:21 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 06 Oct 2023 09:21 PM IST
सार
Rajasthan Vision 2030: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार पर उनके विजन डॉक्यूमेंट 2030 को लेकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा, सीएम अशोक गहलोत साल 2018 में जब सत्ता में आए, तब उन्हें यह विजन क्यों नहीं याद आया? अब चुनाव के समय ही इस विजन डॉक्यूमेंट की क्यों याद आई? शेखावत ने कहा, चुनाव से पहले किए गए गहलोत के सारे वादे झूठ का पुलिंदा साबित हुए हैं।
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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सीएम अशोक गहलोत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि गहलोत को राज्य की इतनी ही चिंता थी तो जब वे साल 2018 में सीएम बने थे, तब ही विजन डॉक्यूमेंट बनाकर इसे क्यों नहीं लागू किया? उनको पूरा अवसर मिला था, उस समय विफल रहे। अब विजन के सुझाव मांगे जा रहे हैं। अपनी नाकामियों का लेखा इकट्ठा करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने का क्या तुक है?
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शेखावत ने कहा, चुनाव के समय ऐसे विजन डॉक्यूमेंट जारी करने से उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। चुनाव पूर्व किए गए उनके वादे झूठ का पुलिंदा साबित हुए। उनकी घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरी। घोषणाएं पूरी नहीं होने पर ही जनता ने उन्हें पिछले चुनावों में चाहे वह साल 2003 का चुनाव हो या साल 2013 का चुनाव हो, कुर्सी से नीचे उतारा था। इस चुनाव में भी जनता ने तय कर लिया है, अब जनता उनके झांसे में नहीं आएंगी।
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केंद्रीय मंत्री शेखावत ने विजन डॉक्यूमेंट के एक-एक बड़े मुद्दे पर विस्तार से बात की और कहा कि इन सब मुद्दों पर गहलोत सरकार फेल है। विजन डॉक्यूमेंट में जल, शिक्षा, चिकित्सा आदि को लेकर राजस्थान को मॉडल स्टेट बनाने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि राजस्थान में किसी भी क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। यदि जल जीवन मिशन की ही बात करें तो राजस्थान देश के फिसड्डी राज्यों में से एक है। जल जीवन मिशन को लेकर राजस्थान में स्थिति बहुत खराब है। 30 हजार करोड़ का बजट मिशन में राजस्थान को उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन राज्य सरकार उसका उपयोग नहीं कर सकी। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार में गहलोत सरकार अव्वल है।
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बिना तैयारी के शुरू कर दिए अंग्रेजी माध्यम स्कूल
शेखावत ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट में अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर राज्य सरकार ने अपनी पीठ थपथपाई है। लेकिन हकीकत यह है कि यह स्कूल आनन-फानन में बिना तैयारी के खोल दिए गए। स्कूलों के पास अपने भवन नहीं, कक्षा-कक्ष नहीं और शिक्षक नहीं है। यहां तक कि एक ही कमरे में दो-दो कक्षाओं के विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। किसी भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से पढ़े लिखे शिक्षक नहीं हैं। शिक्षा का कम्प्यूटरीकरण का दावा भी झूठा निकला। 30 प्रतिशत स्कूलों में कम्प्यूटर नहीं हैं। स्कूलों में टॉयलेट और पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं है।
कॉलेजों में दस हजार पद रिक्त
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने उच्च शिक्षा में बदहाली का खुलासा करते हुए कहा कि गहलोत सरकार ने प्रदेश में साढ़े चार सौ कॉलेज खोले, लेकिन किसी कॉलेज में शिक्षक का प्रबंधन नहीं किया। दस हजार पद राजस्थान में उच्च शिक्षा में खाली है। युवाओं के साथ में इससे बड़ा मजाक और कुछ नहीं हो सकता। बच्चों को वादा करके भी लैपटॉप और टैबलेट नहीं दिया गया।
चिरंजीवी योजना में एक भी मरीज को 25 लाख का लाभ नहीं दिया
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस सरकार ने एक मई 2021 तक आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं किया। तीन साल तक राज्य के लाखों लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। आयुष्मान भारत योजना का नाम बदलकर चिरंजीवी योजना कर दिया। उसमें पहले दस लाख और बाद में 25 लाख रुपये तक की मदद का प्रचार किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि दस लाख तो छोड़िए, कुछ लोगों ने पांच लाख से ज्यादा का इलाज करवाया है। एक भी केस 25 लाख का नहीं आया। राजस्थान की जनता को इस सरकार ने भ्रमित किया। स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम का डॉक्टरों ने विरोध किया। अस्पतालों डॉक्टर और सुविधा नहीं है, चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार विफल रही। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से खुद को ही प्रमाण पत्र बांट रही है।
किसानों की जमीन नीलाम की
कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गहलोत सरकार ने बाजरे की खरीद नहीं की, जबकि राजस्थान में सबसे ज्यादा बाजारे का उत्पादन होता है। किसानों को समय पर बिजली नहीं दी। इसके चलते किसान की फसल जल गई। उसका ऋण माफ नहीं किया। उन्नीस हजार किसानों की जमीन सरकार ने नीलाम कर दी। अब कार्यकाल के अंतिम पड़ाव में वह जमीन नीलामी पर रोक के लिए कानून लेकर आती है।
ईआरसीपी के नाम पर राजनीति की
शेखावत ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में युवाओं के साथ धोखा हुआ। 19 बार पेपर लीक हुआ। राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त नेता भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गया। भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश के औद्योगिक तरक्की रुकी पड़ी है। ईआरसीपी के नाम पर सरकार केवल राजनीति कर रही है। आज तक एक भी टेंडर ईआरसीपी का नहीं निकाला।
लाल डायरी के नाम पर क्यों डरी सरकार?
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह सरकार लाल डायरी के नाम पर क्यों डरती है? सरकार के ही एक पूर्व मंत्री और विधायक ने जब सदन में लाल डायरी के पन्ने लहराए तो सरकार के लोग इतना डर गए कि उन्हें रोकने के लिए लात घूंसों तक से बाज नहीं आए।