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Rajasthan: चीन में फैल रही बीमारी को लेकर अलर्ट पर राजस्थान, तीन दिन में एक्शन प्लान बनाने के निर्देश जारी

Wed, 29 Nov 2023 01:19 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 29 Nov 2023 01:19 PM IST
सार

Rajasthan News: चीन में सांस रोग के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने प्रदेश के चिकित्सा प्रबंधन को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा, भारत सरकार की ओर से जारी पत्र और उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार अभी तक स्थिति चिंताजनक नहीं है।

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Rajasthan on alert regarding disease spreading in China instructions issued to make action plan
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन में श्वसन रोग के मामलों में वृद्धि को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव  शुभ्रा सिंह ने प्रदेश के चिकित्सा प्रबंधन को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से जारी पत्र एवं उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार अभी तक स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन प्रदेश भर में संक्रामक रोगों की सर्विलेंस एवं रोकथाम के लिए चिकित्सा प्रबंधन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करे। सभी चिकित्सा संस्थानों में जांच, दवा, उपचार आदि के समुचित इंतजाम सुनिश्चित हों।

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शुभ्रा सिंह चीन में पाई गई श्वसन संबंधी बीमारी से बचाव के लिए तैयारियों हेतु मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार, फिलहाल देश में इस बीमारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी एहतियातन चिकित्सा तंत्र को मजबूत रखने की दृष्टि से सजगता बरती जा रही है। 
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तीन दिन में तैयार करें एक्शन प्लान
सिंह ने निर्देश दिए कि इस बीमारी से बचाव एवं उपचार आदि व्यवस्थाओं के लिए तीन दिन में एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने इसके लिए जिला एवं मेडिकल कॉलेज के स्तर पर एक नोडल ऑफिसर की नियुक्ति करने तथा संभाग एवं जिला स्तर पर रेपिड रेस्पॉन्स टीम का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, जांच, दवा, उपचार, मानव संसाधन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। चूंकि चीन में बच्चों में श्वसन रोग के मामले अधिक सामने आए हैं, इसे देखते हुए शिशु रोग इकाइयों एवं मेडिसिन विभाग में उपचार के पर्याप्त इंतजाम हों। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के संबंध में जिला एवं राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जाएगी। 
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एसएआरआई रोगियों की रेंडम सैम्पलिंग करें
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तर के बड़े चिकित्सा संस्थानों में भर्ती सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (एसएआरआई) के रोगियों की रेंडम सैम्पलिंग कर उनके नमूने जयपुर एवं जोधपुर स्थित लैब में भेजे जाएं। उन्होंने कोविड-19 रोगियों की तरह आईएलआई एवं एसएआरआई रोगियों की भी आईएचआईपी पोर्टल पर दैनिक रूप से रिपोर्टिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं एवं को-मोरबिड रोगियों में संक्रमण की आशंका अधिक रहती है। अतः बचाव की दृष्टि से आमजन को आवश्यक उपाय अपनाने के लिए जागरुक किया जाए।

बुधवार को चिकित्सा संस्थानों में मॉकड्रिल
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बुधवार को प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की दृष्टि से मॉकड्रिल का आयोजन करने के निर्देश भी दिए। इस मॉकड्रिल के दौरान बैड, जांच, दवा, एम्बुलेंस, मानव संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की मॉनिटरिंग की जाएगी। यह मॉकड्रिल मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक होगी। सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से इस बीमारी से बचाव के संबंध में जारी एडवाइजरी तथा चिकित्सा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि चूंकि यह एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए इसके रोगियों के लिए अलग से एम्बुलेंस चिन्हित की जाए ताकि अन्य रोगियों में संक्रमण नहीं फैले। उन्होंने इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिवप्रसाद नकाते ने मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में गाइडलाइन के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में बुधवार को मॉकड्रिल गंभीरता के साथ की जाए।  

बैठक में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि चीन में बच्चों में श्वसन रोग के मामले बढ़ने की जानकारी सामने आई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह इंफ्लूएंजा, माइक्रोप्लाज्मान्यूमोनिया एवं सॉर्सकॉव-2 आदि के कारण होना पाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में श्वसन रोग विशेषकर कोविड-19 एवं म्यूकोरमाइकोसिस के शून्य केस रिकॉर्ड हो रहे हैं। संक्रामक रोगों से बचाव एवं नियंत्रण के लिए चिकित्सा विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में की जाने वाली तैयारियों से अवगत कराया।

Rajasthan on alert regarding disease spreading in China instructions issued to make action plan
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अजमेर - फोटो : अमर उजाला

कोरोना के बाद निमोनिया रोगियों की चीन में बढ़ती संख्या को लेकर हरकत में आया स्वास्थ्य महकमा
प्रदेश में कोरोना वायरस के बाद अब चीन में फैली निमोनिया बीमारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रदेश के सभी चिकित्सालय में बुधवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अजमेर में पुष्कर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में आयोजित हुई मॉक ड्रिल में जिले के उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रामस्वरूप किराडिया भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें पुष्कर चिकित्सालय के स्वास्थ्य सतर्कता को जांचा।

ऑक्सीजन प्लांट और उपलब्ध उपकरणों की जांच
पुष्कर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में मॉक ड्रिल आयोजित करवाने आए जिले के उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रामस्वरूप किराडिया ने बताया कि स्वास्थ्य महकमे द्वारा प्रदेश स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि चीन में निमोनिया के मामले बड़े स्तर पर सामने आ रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। कोरोना काल के दौरान की गई तैयारियों का पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचा जा रहा है, जिससे की हालत गंभीर होने पर बिना अतिरिक्त समय गंवाए रोगियों को आसानी से इलाज मिल सके।

इसी के चलते बुधवार को पुष्कर के राजकीय चिकित्सालय में मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें ऑक्सीजन प्लांट, उपकरणों और बेड, जांच, दवा, एम्बुलेंस, मानव संसाधन एवं आवश्यक उपकरणों आदि की निगरानी की गई है। साथ ही बीमारी से बचाव के संबंध में जारी परामर्श तथा चिकित्सा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।

50 बेड की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट
पुष्कर गवर्नमेंट हॉस्पिटल प्रभारी डॉक्टर अभिजीत सोनी ने बताया कि फिलहाल पुष्कर चिकित्सालय में कार्य कर रहे 50 बेड के ऑक्सीजन प्लांट की क्षमताओं को जांचा गया है। फिलहाल, पुष्कर चिकित्सालय के पास 34 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, 45 डी टाइप सिलेंडर, 72 बी सिलेंडर उपलब्ध हैं। साथी ही रोगियों को लगातार बीमारी से बचाव के लिए परामर्श दिया जा रहा है।

पुष्कर में रोजाना 100 से अधिक मौसमी बीमारी के मरीज आ रहे सामने
पुष्कर के राजकीय चिकित्सालय में 100 से अधिक मौसमी बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या बच्चों भी हैं। पुष्कर राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत डॉक्टर सुधीर माहेश्वरी ने बताया कि मौसम में जब-जब परिवर्तन आता है तो मौसमी बीमारियों के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। इस दौरान बच्चों का खास ख्याल रखना जरूरी है। अनावश्यक रूप से बच्चों को भीड़ भाड़ वाले इलाकों में नहीं ले जाना चाहिए। यदि बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो या सर्दी जुकाम बढ़ जाए तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।

इस रोग के लक्षणों में खासी, गले में दर्द या खरास, बुखार, फेफड़े में सूजन, सांस नली में सूजन होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल, पुष्कर चिकित्सालय में निमोनिया के गंभीर रोगियों का मामला सामने नहीं आया है। डॉ माहेश्वरी ने बताया कि इस नए रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर उचित चिकित्सीय सलाह लेकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।

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