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Rajasthan News: रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन टी-125 के शावक की मौत, पिछले 2 साल में 17 बाघों की जान गई
Mon, 10 Mar 2025 08:06 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 10 Mar 2025 08:06 AM IST
सार
बाघों की आबादी के लिहाज से राजस्थान की सबसे सघन टाइगर सेंचुरी में बीते 2 सालों से लगातार बाघों के मरने की सूचना आ रही है। हाल में यहां बाघिन टी-125 के शावक की भी मौत हो गई है। शावक का शव नेशनल पार्क के भदलाव वन क्षेत्र में मिला है। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है।
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राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में एक और बाघ की मौत हो गई है। वन विभाग को एक और मृत टाइगर शावक मिल है, जिसे शावक बाघिन टी 125 का बताया जा रहा है। शावक का शव नेशनल पार्क के भदलाव वन क्षेत्र में मिला है। वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है।
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भदलाव वन क्षेत्र में दो दिन पूर्व गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को बाघिन टी-125 रिद्धि व उसके शावकों को विचरण करते देखा था। शनिवार रात को नर बाघ टी-2311 के कैमरा ट्रेप में फोटो भी प्राप्त हुए। प्रथम दृष्टया शावक को किसी बाघ द्वारा मारा गया है। शावक के शव का पोस्टमार्टम कर विसरा के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लेब भेजा जाएगा। शव का राजबाग नाका पर दाह संस्कार कर दिया गया है। मृत टाइगर शावक की उम्र करीब 8 माह है।
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रणथंभौर नेशनल पार्क बाघों की अठखेलियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है लेकिन अब यहां बाघों की संख्या तेजी से कम हो रही है। पार्क में पिछले दो सालों में आज सहित 17 बाघों की मौत हो चुकी है। मामले से जुड़े वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर मौतें टेरिटोरियल फाइट की वजह से हुई हैं। इस पार्क में बाघों की आबादी क्षेत्रफल के लिहाज से ज्यादा हो गई है। बाघ एकाकी जीव है इसलिए युवा और बूढ़ नर बाघों को जवान बाघ टेरेटरी फाइट में या तो मर जाते हैं या फिर जंगल से बाहर पलायन कर जाते हैं।
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