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Rajasthan News: हाउसिंग बोर्ड जमीन घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा– ऊपर से नीचे तक मिलीभगत, सब ध्वस्त होगा
Fri, 17 Oct 2025 03:53 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 17 Oct 2025 03:53 PM IST
सार
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्प्णी करते हुए कहा कि इस जमीन घोटाले के पीछे जो ताकतवर लोग हैं वे जमीन मुक्त नहीं होने दे रहे।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के लिए अधिग्रहित जमीनों पर हो रहा अतिक्रमण एक बहुत बड़ा घोटाला है, जिसमें ऊपर से लेकर नीचे तक सभी स्तरों पर मिलीभगत रही है।
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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले भी दर्जनों आदेश जारी किए हैं, जिनमें साफ कहा गया है कि ऐसे अवैध निर्माणों को नियमित नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति मेहता ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई पीठों ने कोशिश की कि जमीन मुक्त कराई जाए लेकिन इस घोटाले के पीछे जो ताकतवर लोग हैं, वे ऐसा होने नहीं देते।
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गौरतलब है कि कोर्ट ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दी, जिसमें राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के 20 अगस्त के आदेश को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 12 मार्च 2025 के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें हाउसिंग बोर्ड के लिए अधिग्रहित भूमि पर बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया था कि ऐसे अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जाए और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, जिन्होंने ऐसी निर्माण गतिविधियों को होने दिया।
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सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्य सरकार की ओर से दलील दी कि उस क्षेत्र में करीब 5,000 मकान बने हुए हैं। इस पर न्यायमूर्ति मेहता ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए संज्ञान लिया।
पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने पर विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी हाईकोर्ट कई बार ऐसे कब्जों या निर्माणों को चेतावनी दे चुकी है लेकिन इस घोटाले में ऊपर से नीचे तक सबकी मिलीभगत है, जिसके चलते जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रही है।
न्यायमूर्ति मेहता ने राज्य सरकार से कहा कि बेहतर होगा कि सरकार उचित कदम उठाए अन्यथा हम यहीं से कार्रवाई शुरू करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ध्वस्त हो। यह इतना बड़ा घोटाला है कि इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। पूरे हाउसिंग बोर्ड की योजना पर भूमाफिया, प्रॉपर्टी डीलर और अन्य लोगों ने कब्जा कर लिया है।
अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहीं भाटी से कहा कि अगर आप याचिका वापस लेना चाहती हैं, तो हम अनुमति दे सकते हैं या अगर आप चाहें तो हम इस पर निगरानी शुरू कर सकते हैं।